ग्वालियर

अब नहीं बनवाना पड़ेगा कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस, यहां पढ़ें नियम

अब नहीं बनवाना पड़ेगा कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस, यहां पढ़ें नियम

2 min read
Apr 21, 2018
driving license

ग्वालियर। शहर में भी बड़ी मात्रा में ई-रिक्सा, टेक्सी और टेंपो चालक हैं। जो अपनी रोजी-रोटी के लिए दिन भर यात्रियों को ढोते हैं। शहर में करीब 1600 के आसपास ई-रिक्सा चलन में हैं। सरकार की ओर से बहुत बड़ी राहत मिली है। अब 7500 किलो से कम वजनी वाहनों के लिए कमर्शियल मोटर व्हीकल लाइसेंस की अनिवार्यता नहीं रहेगी। यानी की अब से ऑटो, टैक्सी ई-रिक्सा चलाने वालों को कमर्शियल लाइसेंस नहीं लेना पड़ेगा। सरकार ने अब इन वाहनों को चलाने के लिए कमर्शियल लाइसेंस की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के लिए यह नई व्यवस्था को लागू कर दिया है। हालांकी ट्रकों व बसों सहित अन्य हैवी वाहनों के लिए कमर्शियल लाइसेंस अनिवार्य है।

ई रिक्सा चालकों के लिए मुख्य कारण उनका ईको फ्रेडली होना है। सालों से शहर में टेंपो चल रहे हैं। जिसके विरोध में अब आवाज भी उठ रही है क्योंकि उनसे प्रदूषण ज्यादा फैलता है ई-रिक्सा बैटरी से चलते हैं। अब इस नए नियम का फायदा ई-रिक्सा चालकों का होगा क्योंकि यह 4 और 6 सीटर गाड़ी आरटीओ पास होती है और इसको चलाने के लिए कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। ग्वालियर जिले में करीब 2.5 लाख के करीब कमर्शियल लाइसेंस होल्डर हैं।परिवहन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक सरकार के इस फैसले से कमर्शियल लाइसेंस बनाने में हो रहा बड़े स्तर का भ्रष्टाचार खत्म होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रालय ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जुलाई 2007 में दिए गए एक आदेश के बाद लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2007 में कहा था कि गाड़ी का बीमा वाहन श्रेणी से संबंधित होता है, इसका लाइसेंस से कोई संबंध नहीं है।

यह है ग्वालियर शहर में ड्राइविंग लाइसेंस की रेट
लर्निग लाइसेंस के सरकारी रेट हालांकी बहुत ही कम हैं लेकिन दलालों के चलते लोगों को सीधे तौर पर लाइसेंस बनावाने में ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है। अधिकारी की दलाल से मिलीभगत होने के कारण लाइसेंस के लिए एप्लाई करने वालों को टेस्ट में फेल कर दिया जाता है। वहीं दलाल द्वारा 2500 रु लेकर यह लाइसेंस बनावाया जाता है। एक डेट लाइसेंस बनवाने वाले को दे दी जाती है और उस दिन उसका टेस्ट क्लियर कराकर कुछ ही दिनों में लाइसेंस बनकर घर आ जाता है।

Published on:
21 Apr 2018 05:37 pm