ग्वालियर

नोटिस बेअसर, घूसखोर असरदार, भ्रष्टों ने नहीं दिए वॉइस सैंपल, जांचें अटकीं

सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने के दावों के बीच घूसखोरों की मनमानी लोकायुक्त पुलिस पर भारी पड़ रही है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ६ मामलों की जांच सिर्फ इसलिए अटकी है, क्योंकि आरोपी अफसर-कर्मचारी बार-बार नोटिस के बाद भी वॉइस सैंपल (आवाज का नमूना) नहीं दे रहे।
2 min read
Jun 27, 2026
investigations
voice samples

ग्वालियर. सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने के दावों के बीच घूसखोरों की मनमानी लोकायुक्त पुलिस पर भारी पड़ रही है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ६ मामलों की जांच सिर्फ इसलिए अटकी है, क्योंकि आरोपी अफसर-कर्मचारी बार-बार नोटिस के बाद भी वॉइस सैंपल (आवाज का नमूना) नहीं दे रहे। हैरानी यह कि लोकायुक्त पुलिस के साथ कोर्ट के नोटिस भी बेअसर साबित हो रहे हैं। इतना ही नहीं, भ्रष्टाचार के 36 मामले वर्षों से अदालतों में लंबित हैं। कई में सुनवाई भी पूरी नहीं हो सकी। कुछ में अभियोजन की अनुमति तक नहीं मिल पाई है।

ऐसे फंस रही जांच
लोकायुक्त पुलिस ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच घूस मांगने की बातचीत रिकॉर्ड करती है। आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के बाद उसकी आवाज का नमूना लेकर रिकॉर्डिंग से मिलान कराया जाता है। यही वैज्ञानिक साक्ष्य कोर्ट में दोष सिद्ध करने का अहम आधार बनता हैं। आरोपी वॉइस सैंपल देने से बच रहे हैं। इससे जांच लंबित हो रही है।

3 साल में छह आरोपी नहीं दे सके वॉइस सैंपल

-7 दिसंबर 2023 राजेन्द्र प्रसाद मीणा पर 3.75 करोड़ रुपए के बिल भुगतान के लिए ३०त्न कमीशन मांगने का आरोप। -मामला हाईकोर्ट में लंबित, वॉइस सैंपल नहीं दिया।
-20 जुलाई 2024 पटवारी सुजान सिंह गुर्जर 10 हजार रुपए घूस लेते पकड़ाया। अब तक वॉइस सैंपल नहीं दिया।
-9 जनवरी 2025 पटवारी सुनील शर्मा घूस लेता धराया। वॉइस सैंपल नहीं दिए।
-16 जुलाई 2025 एएसआइ राजकुमार शर्मा पर 10 हजार रुपए घूस मांगने का आरोप। वॉइस सैंपल नहीं दिया।
-27 सितंबर 2025 भिंड की पटवारी आकांक्षा पर रिश्वत मांगने का आरोप, आवाज का नमूना लंबित।
-20 नवंबर 2025 गोहद के पटवारी संदीप जैन पर भवन नामांतरण में घूस लेने का आरोप। वॉइस सैंपल नहीं दिया।

16 साल पुराने केस का भी नहीं हुआ फैसला
36 लंबित केस में शिवपुरी का चर्चित मामला 2010 से कोर्ट में विचाराधीन है। मुख्य आरोपी नरेंद्र पाठक की मौत हो चुकी है, पर मामला अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा। इन मामलों में तत्कालीन कलेक्टर, अपर कलेक्टर, निगम कमिश्नर, एसडीएम, सीएमओ, राजस्व अधिकारी, इंजीनियर, नपा अध्यक्ष, ठेकेदार आदि हैं।

13 साल से नहीं मिली अभियोजन स्वीकृति
भिंड: 8 मार्च 2013 को तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी रामप्रकाश कुशवाह रंगे हाथ घूस लेते पकड़ाया। बाबू रामलखन बरुआ पर रिकॉर्डेड बातचीत के आधार पर केस हुआ। रामलखन ने वॉइस सैंपल नहीं दिया तो अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।

इनका कहना है
कई बार नोटिस और कोर्ट के निर्देशों के बाद भी कुछ आरोपी सैंपल देने नहीं आ रहे।
निरंजन शर्मा, लोकायुक्त एसपी

Published on:
27 Jun 2026 05:44 pm