
Scindia Property Case : ग्वालियर राजघराने की सपंत्तियों के विवाद में बुधवार को कोर्ट ने अहम निर्देश दिए। सिंधिया संपत्ति विवाद में आपत्तिकर्ता प्रतिमा देवी को कोर्ट ने गवाही के लिए बुलाया है। ग्वालियर के अतिरिक्त जिला न्यायालय ने सिंधिया राजपरिवार से जुड़ीं संपत्ति बंटवारे पर आज सुनवाई की। मामला करीब 40 हजार करोड़ की संपत्ति के बंटवारे से संबंधित है। परिवार की प्रतिष्ठा की खातिर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी सभी बुआ, मामले में समझौता कर चुके हैं पर बड़ी बुआ की बेटी प्रतिमा देवी ने अपना हिस्सा मांगते हुए इसमें अड़ंगा डाल दिया। अब मामले में माह के अंत में सुनवाई होगी।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी सभी बुआओें ने परिवार की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अदालत में लडने की बजाए समझौते की राह चुनी। सभी संपत्तियों के बंटवारे पर सहमति हो चुकी है। समझौते के अंतर्गत ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के पास वर्तमान में जो संपत्ति है, उसे आधिकारिक रूप से उन्हें ही दे दी जाएगी।
बुधवार को कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी की आपत्ति पर गवाही और साक्ष्य दर्ज कराने की बात कही है। सिंधिया संपत्ति विवाद में उन्हें गवाही के लिए बुलाया गया है। कोर्ट ने कहा कि प्रतिमा देवी जो आरोप लगा रही हैं, उसके साक्ष्य भी पेश करने होंगे। मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
पिछली सुनवाई में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और बुआ वसुंधरा राजे, उषा राजे, यशोधरा राजे सहित बंटवारे में आपत्ति दर्ज कराने वालीं बड़ी बुआ की बेटी प्रतिमा देवी की ओर से बहस पूरी हो चुकी थी।
वसुंधराराजे व अन्य की ओर से कोर्ट में सभी प्रमुख पक्षों के मध्य समझौता होने की बात कही गई इसके साथ ही सीधे डिग्री पारित करने की मांग की गई। इधर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ की बेटी प्रतिमा देवी ने धोखे से राजीनामे पर हस्ताक्षर कराने के आरोप लगा दिए। उन्होंने समझौते पर अंतिम निर्णय लेने से पहले कोर्ट से विवादित मुद्दों को तय करने की मांग की। प्रतिमा देवी ने सिंधिया राजपरिवार की संपत्ति में अपना हिस्सा भी मांगा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ग्वालियर राजघराने का यह विवाद सन 1989 से चल रहा है। करीब एक चौथाई संपत्ति कोर्ट के चक्कर में फंसी है।