
ज्योतिरादित्य सिंधिया image X @JM_Scindia
Jyotiraditya Scindia : ग्वालियर राजघराने की सपंत्तियों के लिहाज से आज का दिन अहम साबित हो सकता है। सिंधिया संपत्ति विवाद में प्रतिमा देवी की आपत्ति पर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी। ग्वालियर का अतिरिक्त जिला न्यायालय सिंधिया राजपरिवार से जुड़ीं संपत्ति बंटवारे पर आज फैसला सुना सकता है। ऐसे में करीब 40 हजार करोड़ की संपत्ति के बंटवारे की राह खुल सकती है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ग्वालियर राजघराने की करीब एक चौथाई संपत्ति कोर्ट में फंसी है। विवाद 1989 से चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी सभी बुआ, परिवार की प्रतिष्ठा बरकरार रखने के लिए समझौता कर चुके हैं पर इसमें बड़ी बुआ की बेटी प्रतिमा देवी ने पेंच फंसा दिया। बताया जा रहा है कि समझौते में ग्वालियर के जयविलास पैलेस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का ही हक रहने की बात कही गई है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को सुबह से ही एक्टिव नजर आए। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर नवरात्रि पूजन से संबंधित एक वीडियो पोस्ट करते हुए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
ग्वालियर कोर्ट में पिछली सुनवाई में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और बुआ वसुंधरा राजे, उषा राजे, यशोधरा राजे सहित बंटवारे में आपत्ति दर्ज कराने वालीं बड़ी बुआ की बेटी प्रतिमा देवी की ओर से बहस पूरी हो चुकी थी।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने परिवार की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अपनी सभी बुआओें को समझौते पर राजी करने की पहल की। वे भी सिंधिया घराने का सम्मान बरकरार रखना चाहती हैं। यही कारण है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं में सभी संपत्तियों के बंटवारे पर मोटे तौर पर सहमति बन चुकी है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में जिसके हिस्से में जो संपत्ति है, उसे आधिकारिक रूप से उन्हीं की मानी जाएगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी जिन प्रॉपर्टी के मालिक हैं उनमें ग्वालियर का जयविलास पैलेस भी शामिल है। समझौते के अंतर्गत महल पर उन्हीं का अधिकार रह सकता है।
उम्मीद है कि बुधवार को कोर्ट फैसला सुनाते हुए समझौते पर सीधे डिक्री पारित करे या फिर दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी की आपत्ति पर पहले गवाही और साक्ष्य दर्ज कराने का अवसर दे सकती है।
बता दें, प्रतिमा देवी ने सिंधिया परिवार की संपत्ति में हिस्सा मांगा है। वसुंधराराजे व अन्य की ओर से सभी प्रमुख पक्षों के मध्य समझौता होने की दृष्टि में सीधे डिग्री पारित करने की मांग की जा रही है। वहीं प्रतिमा देवी ने धोखे से राजनीमे पर हस्ताक्षर कराने के आरोप लगाते हुए समझौते पर अंतिम निर्णय लेने से पहले विवादित मुद्दों को तय करने की मांग रखी है।
Updated on:
14 Oct 2026 12:30 pm
Published on:
14 Oct 2026 11:59 am
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