ग्वालियर. चलती ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने झांसी से मथुरा के बीच विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। सुपर 34 नाम से गठित यह विशेष टीम प्रतिदिन करीब 15 ट्रेनों में गश्त कर रही है। खासकर रात के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में […]
ग्वालियर. चलती ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने झांसी से मथुरा के बीच विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। सुपर 34 नाम से गठित यह विशेष टीम प्रतिदिन करीब 15 ट्रेनों में गश्त कर रही है। खासकर रात के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अभियान के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं।
संयुक्त अभियान बनाकर की जा रही कार्रवाई
यह टीम भारतीय रेलवे के आगरा और झांसी मंडल की क्राइम ब्रांच के 34 चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलकर बनाई गई है। इसमें पांच टीआई, चार एसआई, तीन एएसआई सहित हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं। अधिकतर सदस्य सादे कपड़ों में ट्रेनों में सवार होकर कोच-कोच घूमते हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। अभियान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इसकी जानकारी केवल रेलवे के टीटीई को दी जाती है, ताकि अपराधियों को भनक न लगे।
सक्रियता से यात्रियों का बढ़ा भरोसा
आरपीएफ की इस सक्रियता से झांसी से मथुरा के बीच सफर करने वाले यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने सामान की जिम्मेदारी स्वयं लें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत आरपीएफ या रेलवे स्टाफ को दें।
लगातार बदली जाती हैं ट्रेनें
यह अभियान पिछले एक सप्ताह से लगातार जारी है। टीम शिकायतों और इनपुट के आधार पर ट्रेनों का चयन करती है और आवश्यकता पडऩे पर बीच स्टेशन से ही ट्रेन बदलकर दूसरी ट्रेन में सवार हो जाती है। इससे रूट पर यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि किस ट्रेन में टीम तैनात है।
इनका कहना है
अभियान का उद्देश्य केवल चोरी रोकना ही नहीं, बल्कि यात्रियों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना भी है। इस विशेष अभियान से उम्मीद है कि चलती ट्रेनों में होने वाली वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और सफर अधिक सुरक्षित व निश्चित बनेगा। इसके लिए दोनों मंडलों की टीम काम कर रही है।
टीके अग्निहोत्री, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ आगरा मंडल