ग्वालियर

अन्नदाता को ऋण देने का लक्ष्य 2947.50 ,वितरण सिर्फ 1425.30 करोड

पहली तिमाही में आधा भी नहीं हुआ किसानों को फसली ऋण का वितरणलक्ष्य से दूर हुए बैंक ,जिले में कृषि अल्पकालीन ऋण का हाल
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किसानों को खेती के लिए ऋण उपलब्ध करवाने के दावे की जमीनी हकीकत उल्टी नजर आ रही है। जिले के बैंक वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कृषि अल्पकालीन ऋण के लिए तय किए गए लक्ष्य से दूर नजर आ रहे हैं। यानि कि लक्ष्य के अनुरूप किसानों को ऋण का वितरण नहीं हो रहा है। बैंकों को पात्र किसान नहीं मिली रहे हैं या फिर किसान ऋण लेने के लिए बैंक नहीं आ रहे हैं हकीकत जो भी लेकिन जिले के कॉमर्शियल बैंक, ग्रामीण बैंक हो या को-ऑपरेटिव बैंक सभी ऋण के अनुरूप किसानों को खेती के लिए ऋण नहीं दे पा रहे हैं। जिले के बैंकों को वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही यानी सितम्बर तक 2947.50 करोड के मुकाबले कुल 1425.30 करोड का ऋण किसानों को दिया जा सका। यह पहली तिमाही के लिए कुल आवंटित लक्ष्य का 48.36 प्रतिशत ही है।
लक्ष्य के अनुरूप ऋण नहीं होने मामले में बैंक अधिकारियों का कहना है कि किसानों को लक्ष्य तहत ऋण दिया जाएगा। किसानों के केसीसी कार्ड बनाने के लिए अभियान भी शुरू किया गया है। केसीसी से वंचित किसानों को केसीसी कार्ड के ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।
बैंको का हाल
जिले के 21 सरकारी कॉमर्शियल बैंकों को 260671.44 लाख का ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था लेकिन 137122 लाख का ही ऋण किसानों को दिया जा सका। यह लक्ष्य का 52.60 प्रतिशत ही रहा। मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक 7906.65 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 4043 लाख ऋण ही किसानों को दे सका। यह कुल लक्ष्य का 51.13 प्रतिशत ही रहा। वहीं जिले के 23 को - ऑपरेटिव बैंकों ने किसाने को कृषि अल्पकालीन लोन देने में दूरी बनाए रखी। को -ऑपरेटिव बैंकों ने 26171.91 लाख के मुकाबले केवल 1365 लाख रुपए का ही लोन किसानों को दिया। यह कुल लक्ष्य का महज 5.22 प्रतिशत ही रहा।
सेंट्रल बैंक, एसबीआई, बीओबी व पीएनबी के पास अधिक पहुंचे किसान
जिले के कॉमर्शियल बैंकों की बात करें तो सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,पंजाब नेशनल बैंक ने किसानों को सर्वाधिक कृषि अल्पकालीन ऋण का वितरण किया। ऋण वितरण के लिए तय किए गए लक्ष्य विरुद्ध सीबीआई ने 55.72 प्रतिशत, एसबीआई ने 54.88 प्रतिशत, पीएनबी ने 49.49 प्रतिशत ऋण का वितरण किया। जबकि प्राइवेट बैंकों में आईसीआईसीआई ने लक्ष्य का 54.32 प्रतिशत, एचडीएफसी ने 47.08 प्रतिशत, आईडीबीआई ने 46.36 प्रतिशत ऋण का वितरण किया।

Updated on:
18 Nov 2022 06:41 pm
Published on:
18 Nov 2022 06:41 pm