अब अतिक्रमण हटाने के लिए बांटे जाएंगे नोटिस उपनगर ग्वालियर में हजीरा पुल से मनोरंजनालय तक स्वीकृत हुए नए फ्लाई ओवर के लिए संयुक्त सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। यह सर्वे राजस्व, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम की टीम पटवारी,बीइओ व जेडओ द्वारा किया गया है। सर्वे के बाद सीमांकन की रिपोट भी […]
अब अतिक्रमण हटाने के लिए बांटे जाएंगे नोटिस
उपनगर ग्वालियर में हजीरा पुल से मनोरंजनालय तक स्वीकृत हुए नए फ्लाई ओवर के लिए संयुक्त सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। यह सर्वे राजस्व, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम की टीम पटवारी,बीइओ व जेडओ द्वारा किया गया है। सर्वे के बाद सीमांकन की रिपोट भी कलेक्टर,पीडब्लयूडी,राजस्व अधिकारी सहित वरिष्ठ अफसरों को भेज दी गई है। इसमें करीब 2809.43 वर्ग मीटर भूमि पर 174 अतिक्रमण मिले है। जो कि शासकीय अस्पताल की तरफ से हजीरा की ओर 97, हजीरा चौराह से मनोरंजनालय की ओर से होते हुए हॉस्पिटल की ओर 37 और मनोरंजनालय से हजीरा चौराह की ओर से सरकारी हॉस्पिटल की दूसरी ओर पर 40 अतिक्रमण है। यह सर्वे गोसपुरा की जमीन सर्वे नंबर 176,179,180,328,329,330,331 है। अब जल्द ही जिला प्रशासन, नगर निगम व पीडब्ल्यूडी की टीम मिलकर नोटिस देने का कार्य करेगी और उसके बाद अतिक्रमण को हटाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के बाद ही फ्लाई ओवर का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। जबकि एएसआई से पूर्व में ही अनुमति मिलने के बाद इस फ्लाई ओवर के निर्माण का रास्ता साफ हुआ है। लेकिन इस रूट पर दशकों से बने पुराने मकान और दुकानों का अतिक्रमण को हटाना काफी चुनौती पूर्ण बन गया है।
22 दुकानों के बाद 80 मकान-दुकान पर कार्रवाई
हजीरा क्षेत्र में एलिवेटेड रोड के कारण पहले से 22 दुकानें अतिक्रमण के दायरे में आकर टूटने की स्थिति में हैं। ये दुकानें हजीरा पुल से सटी हुई हैं और सिविल अस्पताल की लाइन में स्थित हैं। ऐसे में अब हजीरा पुल से मनोरंजनालय तक बनने वाले फ्लाई ओवर के लिए करीब 650 मीटर रूट पर 75 से 80 मकान-दुकान भी तोड़े जाने के दायरे में आ गए हैं। ये सभी निर्माण सडक़ की आरक्षित जमीन पर ही बने हुए हैं और अतिक्रमण के कारण मुआवजे की श्रेणी से भी बाहर रहेंगे।
फ्लाई ओवर बनने से ट्रैफिक जाम मिलेगी राहत
फ्लाई ओवर के बनने पर उपनगर ग्वालियर में एलिवेटेड कॉरिडोर पूरा हो जाएगा। यह फ्लाई ओवर किलागेट से हजीरा, तानसेन रोड, चार शहर का नाका और गोले का मंदिर की तरफ आवागमन वाले ट्रैफिक को बड़ी राहत देगा। क्योंकि, इन रूट के लिए वाहन चालकों को मौजूदा सडक़ पर नहीं आना होगा। साथ ही मौजूदा सडक़ का करीब 70 प्रतिशत ट्रैफिक फ्लाई ओवर पर डायवर्ट होने से ट्रैफिक में काफी सुधार मिलेगा।