MP News: एमपी के राज्यसभा सांसद ने भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि- ASI का संरक्षित स्मारक पूजा-अर्चना का स्थान नहीं है।
MP News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने एमपी हाईकोर्ट के भोजशाला पर दिए फैसले पर सवाल खड़े करते हुए बड़ा दावा किया है। ग्वालियर में दिग्विजय ने प्रेसवार्ता की जिसमें उन्होंने नीट परीक्षा में कथित धांधली, भोजशाला और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। भोजशाला को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बड़ा बयान दिया। सांसद ने कहा कि ASI का संरक्षित स्मारक पूजा-अर्चना का स्थान नहीं है।
भोजशाला मामले पर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का संरक्षित स्मारक पूजा-अर्चना का स्थान नहीं है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया था कि उन्हें उस स्थल पर किसी मंदिर के होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। दिग्विजय ने हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाई कोर्ट का आदेश बहुत अस्पष्ट है।
दिग्विजय सिंह ने इसके बाद कहा की भोजशाला मंदिर है या मस्जिद? इसके दो पहलू हैं। ASI द्वारा संरक्षित स्मारक की जगह पूजास्थल नहीं होता है। सांसद ने आगे बताया कि जब उमा भारती सीएम थीं तब सरकारी वकील (पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के पति) ने एएसआई की रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट में लिखा था कि भोजशाला में कहीं भी मंदिर होने के प्रमाण नहीं मिले। यह बात 2004 से 2006 के बीच की है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भोजशाला एएसआई संरक्षित स्मारक है, इसलिए वहां पूजा या इबादत से जुड़ा फैसला न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह के कई विवाद पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, जिनमें वाराणसी का ज्ञानवापी, संभल मस्जिद और मथुरा-वृंदावन से जुड़े मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा, हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तनाव बढ़ाना उचित नहीं है। इससे समाज में दूरियां बढ़ती हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है। उनका कहना था कि भोजशाला विवाद का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के फैसले से ही संभव है।
नीट परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बडिय़ों को रोकने के लिए बनाई गई समिति ने विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन सरकार ने उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बार-बार सामने आ रहे परीक्षा घोटाले युवाओं के भविष्य के साथ धोखा हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तत्काल शिक्षा मंत्री से इस्तीफा ले और एनटीए के चेयरमैन को पद से हटाए।
दिग्विजय सिंह ने रुपये की गिरती कीमत और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, अच्छे दिनों का वादा किया गया था, लेकिन अब हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। गरीब और गरीब होता जा रहा है और अमीर और अमीर होता जा रहा है।