
Gwalior news: अगर आपने अभी तक अपने घरेलू गैस कनेक्शन की ई-केवाइसी नहीं कराई है, तो आपके पास एक आखिरी मौका है। सरकार ने पहले 16 अगस्त तक की डेडलाइन तय की थी, जिसे अब बढ़ाकर 23 अगस्त कर दिया गया है। यानी अब 23 अगस्त तक हर हाल में आपको अपने गैस एजेंसी पर जाकर या ऑनलाइन तरीके से ई-केवाइसी पूरी करनी होगी। जो उपभोक्ता इस तारीख तक भी केवाइसी नहीं कराएगा, उसकी रसोई का बजट बिगड़ना तय है।
ऐसे उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर नहीं मिलेगा। उन्हें कमर्शियल रेट यानी 156 रुपए प्रति किलो के हिसाब से गैस खरीदनी पड़ेगी। एक सिलेंडर की कीमत करीब 2200 रुपए से ज्यादा बैठेगी। गैस कंपनियां भी अब एक्शन मोड में है। ग्वालियर के हर उपभोक्ता के मोबाइल पर रोज मैसेज भेजे जा रहे है तुरंत केवाइसी कराएं, वरना कनेक्शन ब्लॉक हो जाएगा।
ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के कॉर्डिनेटर श्यामानंद शुक्ला बताते हैं कि जिले में कुल 5.73 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से 83 फीसदी ने केवाइसी करा ली है। अभी भी करीब 97 हजार उपभोक्ता बाकी हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह है मृतक के नाम पर चल रहे कनेक्शन। जिले में कई ऐसे घर हैं, जहां कनेक्शनधारी की मौत हो चुकी है, लेकिन परिवार आज भी उसी सिलेंडर से खाना बना रहा है। अब ऐसे परिवार कनेक्शन को पत्नी या बेटे के नाम ट्रांसफर कराने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। फेडरेशन का अनुमान है कि बचे हुए 17 फीसदी में से 10 फीसदी तो ऐसे ही मामले हैं, जहां उपभोक्ता या तो दुनिया छोड़ चुका है या शहर छोड़कर कहीं और बस गया है।
यदि परिवार में किसी व्यक्ति के नाम से कनेक्शन है और वह मृत हो जाता है, या कनेक्शन का उपयोग नहीं कर रहा है, तो ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन अपडेट हो जाएंगे। यदि कनेक्शन हस्तांतरित करवाना चाहते हैं तो उसकी प्रक्रिया केवाइसी से पूर्व करनी होगी। लेकिन यदि परिवार में कनेक्शनधारी व्यक्ति के अन्य परिजन के पास पहले से कनेक्शन है तो उसे बंद कर दिया जाएगा।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को ई-केवाईसी के लिए केवल आधार और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। पिछले दो साल से सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को केवाइसी के लिए तारीख बढ़ाई जा रही है. लेकिन लोग जागरूक नहीं हैं। ऐसे में विभाग ने यह माना है कि जिन लोगों ने केवाइसी नहीं करवाई है वे कनेक्शन अस्तित्व में नहीं हैं। उनका उपयोग अन्य लोगों द्वारा किया जा रहा है।