लहराते हुए हाई स्पीड में चल रही थी स्कूल वैन, गाड़ी के अंदर ड्रायवर का था ये हाल

 नशे में धुत होकर स्कूल वैन चला रहे ड्राइवर ने मासूमों की जान लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वैन में 8 बच्चे थे। ड्राइवर सड़क पर लहराते हुए वैन लेकर जा रहा था। कई दुपहिया वाहन चालक टकराने से भी बचे।

3 min read
Jan 18, 2017
school van accident
ग्वालियर। नशे में धुत होकर स्कूल वैन चला रहे ड्राइवर ने मासूमों की जान लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वैन में 8 बच्चे थे। ड्राइवर सड़क पर लहराते हुए वैन लेकर जा रहा था। कई दुपहिया वाहन चालक टकराने से भी बचे। पब्लिक ने देखा तो सतर्कता दिखाकर वैन रोक ली। मालूम चला ड्राइवर नशे में है तो उसकी मौके पर ही धुनाई लगाई फिर पुलिस के हवाले कर दिया।






ड्राइवर की हरकत से बच्चे भी दहशत में थे, जब उन्हें वैन से उतारा गया तो वे रोने लगे। पुलिस ने उन्हें चौकी में बैठाकर तसल्ली दिलाई और उनके माता-पिता को बुलाया। कुल मिलाकर पब्लिक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस के मुताबिक वैन क्रमांक एमपी07बीए0320 का ड्राइवर नितेश निवासी सिंकदर कंपू दोपहर को स्कूल की छुट्टी होने पर बच्चों को लेने पहुंचा। वैन में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे थे।



यह भी पढ़ें- सेना भर्ती 18 से सागर में, अभ्यर्थियों में दिखा ऐसा जुनून



स्कूल से चलते ही नितेश ने दो तीन वाहनों में टक्कर मारी, लेकिन बच्चों को देखकर लोग चुप रह गए। जब वैन शिंदे की छावनी पहुंची तो ड्राइवर पूरी सड़क पर वैन को लहराते हुए ले जा रहा था। लोगों ने देखा वैन में बच्चे हैं तो वैन का पीछा कर उसे रोक लिया। ड्राइवर को नीचे उतारा तो उसके मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। पहले तो लोगों ने ड्राइवर की पिटाई लगाई फिर पुलिस को बुलाकर उनके हवाले कर दिया।






दहशत में थे बच्चे
नशेड़ी ड्राइवर की हरकतों से वैन में बैठे बच्चे काफी दहशत में आ गए थे। पुलिस ने जब उन्हें वैन से उतारा तो वह रोने लगे। रोते हुए उन्होंने कहा अंकल ने रास्ते में कई लोगों को टक्कर मारी। एएसआई ने बच्चों को चुप कराया। स्कूल डायरी से फोन नंबर लेकर घरवालों को खबर दी। परिजन चौकी पहुंचे तो बच्चे लिपट कर रोने लगे। परिजनों ने स्कूल वालों को बुलाकर लापरवाही पर नाराजगी जताई।

यह कैसी चेकिंग
ड्राइवर वैन को लहराते हुए शिन्दे की छावनी तक पहुंच गया था। रास्ते में कई जगह पुलिस चेंकिग भी की जा रही थी, लेकिन नशे में धुत ड्राइवर की हरकतें पुलिस को नहीं दिखीं। पुलिस का पूरा फोकस बिना हेलमेट और काली पल्सर पर ही रहा।

स्कूल पर भी सवाल
परिजनों का आरोप है, इस मामले में स्कूल की भी बड़ी लापरवाही रही। वैन चालक नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचा। वह ठीक तरह से चल भी नहीं पा रहा था। इसके बाद भी गेट पर तैनात गार्ड और स्कूल स्टाफ की उस पर नजर क्यों नहीं पड़ी? अगर कोई अनहोनी होती तो जिम्मेदार कौन होता?


300 वैन पंजीकृत
स्कूलों में बच्चों को लाने ले जाने वाले करीब 300 वैन का पंजीयन परिवहन विभाग में है। इनकी चेकिंग छह महीने से नहीं की गई। परिवहन विभाग निर्धारित बिंदुओं पर जल्द ही इनकी चेङ्क्षकग करेगा।

स्कूल को भी हिदायत
" ड्राइवर नशे में वैन चला रहा था। स्कूल वालों की भी लापरवाही है, उन्होंने ड्राइवर पर ध्यान नहीं दिया। स्कूल के स्टाफ को बुलाकर हिदायत दी गई है। ड्राइवर पर मामला दर्ज कर लिया है।"
आरिफ, एएसआई, इंदरगंज थाना


सितंबर में चेक करवाया था अब फिर करवाएंगे
"स्कूल खुलने के बाद सितंबर में स्कूल वाहनों की चेकिंग की गई थी, तब से अब तक चेकिंग नहीं की गई। हालांकि सड़क सुरक्षा पखवाड़े के दौरान वाहनों की चेकिंग कराई गई है। हम फिर से चेकिंग कराई जाएगी।"
एसपीएस चौैहान, आरटीओ, ग्वालियर


"स्कूल वालों की भी लापरवाही है। ड्राइवर बच्चों को लेने स्कूल पहुंचा, तब स्कूल वालों को देखना चाहिए था। मैंने तय कर लिया है, भविष्य में कभी बच्चों को इस ड्राइवर के साथ नहीं भेजूंगा।"
नरेश शिवहरे, छात्र के पिता
Published on:
18 Jan 2017 09:51 am
Also Read
View All