आखिरकार तीन साल के लंबे इंतजार के बाद नगर निगम अब इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन जल्द ही शुरू करने जा रहा है। निगम परिषद से अनुमति मिलने के बाद निगम के विद्युत विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। प्रथम चरण में सिटी सेंटर सालासर मल्टीलेवल पार्किंग, तरण पुष्कर खेल मैदान और कंपू […]
आखिरकार तीन साल के लंबे इंतजार के बाद नगर निगम अब इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन जल्द ही शुरू करने जा रहा है। निगम परिषद से अनुमति मिलने के बाद निगम के विद्युत विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। प्रथम चरण में सिटी सेंटर सालासर मल्टीलेवल पार्किंग, तरण पुष्कर खेल मैदान और कंपू मल्टीलेवल पार्किंग में बने चार्जिंग स्टेशन चालू किए जाएंगे। इन स्टेशनों पर दो और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुविधा उपलब्ध रहेगी। शुरुआत में उपभोक्ताओं से क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान लिया जाएगा। इसके बाद प्री-बुकिंग सिस्टम और मोबाइल ऐप भी विकसित किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तीन साल की सुस्ती के बाद अब देखना यह है कि नगर निगम वाकई तय समय पर चार्जिंग स्टेशन चालू कर पाता है या नहीं और अधूरे पड़े बाकी स्थानों पर सुविधा कब तक पहुंचती है।
एक सप्ताह में शुरू होने का दावा
चार्जिंग स्टेशन चालू करने से पहले संबंधित स्थानों पर लगे उपकरणों का थर्ड पार्टी से परीक्षण कराया जाएगा। निगम अधिकारियों की जांच के बाद वेंडर इन्हें नगर निगम को हैंडओवर करेगा। इसके बाद ट्रायल प्रक्रिया पूरी कर आमजन के लिए चार्जिंग सुविधा शुरू की जाएगी। विद्युत विभाग के अधिकारियों का दावा है कि पूरी प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी।
1.79 करोड़ की योजना, लेकिन अभी अधूरी
नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग की राशि से करीब 1.79 करोड़ रुपए खर्च कर ई-चार्जिंग स्टेशन परियोजना शुरू की थी। योजना के तहत शहर के सात स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने थे, लेकिन फिलहाल सिर्फ तीन जगहों पर ही काम पूरा हो सका है। बहोड़ापुर क्षेत्रीय कार्यालय और हजीरा मल्लगढ़ा जैसे चिन्हित स्थानों पर अब तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे योजना की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शुरू से विवादों में रही परियोजना
ई-चार्जिंग स्टेशन परियोजना की शुरुआत से ही नियमों की अनदेखी और गड़बडिय़ों के आरोप लगते रहे हैं। वर्ष 2023 में लेटिस कंपनी द्वारा डाले गए टेंडर में जॉइंट वेंचर के सिग्नेचर नहीं थे, आईएसओ 27001:2013 का प्रमाणपत्र संलग्न नहीं था, एनेक्सर पर भी हस्ताक्षर गायब थे। इसके बावजूद वित्त और टेंडर विभाग के अधिकारियों ने टेंडर खोलकर कंपनी को काम सौंप दिया। बाद में शिकायत के बाद हुई जांच में भी इन कमियों की पुष्टि हुई, लेकिन नियमों को दरकिनार कर पांच स्थानों पर इंस्टॉलेशन करा दिया गया।
कहां कितनी मशीनें
शहर के लिए कुल सात चार्जिंग मशीनें भेजी गई थी, कंपू मल्टीलेवल पार्किंग-सालासर सिटी सेंटर मल्टीलेवल पार्किंग में 2-2 मशीन, तरण पुष्कर खेल मैदान, बहोड़ापुर क्षेत्रीय कार्यालय-1,हजीरा मल्लगढ़ा में 1-1 मशीन है। जहां दो मशीनें लगी हैं, वहां एक साथ चार वाहन, जबकि एक मशीन वाले स्थान पर दो वाहन चार्ज किए जा सकेंगे।
यह रहेगा चार्जिंग शुल्क
अफसरों के अनुसार बिजली कंपनी टैरिफ 7.14 रुपए प्रति यूनिट, लेबर खर्च4.80 रुपए प्रति घंटा, मेंटेनेंस एक रुपए प्रति घंटा, नगर निगम मुनाफा दो रुपए प्रति घंटा सहित कुल चार्जिंग रेट 15 रुपए प्रति यूनिट है। ऐसे में एक वाहन को चार्ज करने में औसतन 45 से 60 मिनट का समय लगेगा और करीब 25 से 30 यूनिट बिजली की खपत होगी।
चार्जिंग स्टेशन के दरे अब तय हो चुकी है। पहले चरण में तीन स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन एक सप्ताह के अंदर चालू करा दिए जाएंगे। ई-चार्जिंग स्टेशन पर ग्राहकों से पैसे क्यूआर कोड के माध्यम से लिए जाएंगे। जल्द ही अन्य चार्जिंग स्टेशन को भी चालू कराया जाएगा।
संघप्रिय आयुक्त नगर निगम