
ग्वालियर। शहर में चल रहे एलिवेटेड रोड निर्माण के बीच ढोली बुआ पुल के पास सड़क धंसने और मकानों में दरारें आने से लोगों में दहशत है। दतिया वाला मोहल्ला क्षेत्र में करीब 200 मीटर लंबाई में सड़क पर 3 से 4 इंच तक चौड़ी दरार दिखाई दे रही है। सड़क का एक हिस्सा नाले की ओर झुक गया है। इसके साथ ही आसपास स्थित सात से ज्यादा मकानों की दीवारों में भी दरारें आने की बात सामने आई है। खतरे को देखते हुए कुछ परिवार अपने घर खाली कर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पाल डेयरी के पास पीपल के पेड़ से लेकर करीब 200 मीटर तक सड़क पर दरार दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि एलिवेटेड रोड निर्माण के दौरान भारी मशीनों के इस्तेमाल और स्वर्ण रेखा नदी के कारण जमीन पर दबाव बढ़ा। पानी का प्रेशर बढ़ने के बाद सड़क में दरार आई और इसका असर आसपास के मकानों पर भी पड़ा। हालांकि सड़क धंसने और मकानों में दरार आने के वास्तविक तकनीकी कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
क्षेत्र में गणेश शाक्य, जगदीश शाक्य और राहुल शाक्य सहित अन्य लोगों के मकान प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई मकानों के कमरों के अलावा किचन और बाथरूम की दीवारों में भी दरारें दिखाई दे रही हैं। कुछ स्थानों पर दरारें बढ़ने की बात भी सामने आई है। इससे परिवारों में मकान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खतरे की आशंका के चलते कुछ परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
लोगों का कहना है कि सड़क लगातार नाले की ओर झुक रही है। ऐसे में यदि सड़क का हिस्सा और धंसता है तो आसपास के मकानों के साथ राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। प्रभावित लोगों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों की निगरानी और मकानों की स्थिति का तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है।
जेडओ संजीव झा के अनुसार एलिवेटेड रोड निर्माण के दौरान स्वर्ण रेखा नदी के किनारे बनी रैंप को तोड़ा गया था। इसके बाद बाउंड्री, सड़क और आसपास के मकानों में दरारें आने की जानकारी सामने आई। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी पीएनसी, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। अधिकारियों की ओर से निर्माण संबंधी कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया गया है। प्रभावित मकानों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर दूसरी जगह शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।
इधर शनिवार दोपहर नदी गेट के पास सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क का हिस्सा पूरी तरह धंसने से पहले ही मौके पर बैरिकेड लगा दिए गए, जिससे वाहनों को खतरे वाले हिस्से से दूर रखा जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धंसी सड़क से दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष खतरा पैदा हो गया था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण कार्य के आसपास सड़क की स्थिति लगातार बदल रही है और कई जगह जमीन धंसने की आशंका बनी हुई है। हालांकि संबंधित अधिकारियों का कहना है कि नदी गेट के पास सड़क धंसने की आधिकारिक सूचना अभी उनके पास नहीं पहुंची है। क्षेत्र में एक साथ सड़क धंसने और मकानों में दरारें आने के बाद स्थानीय लोग निर्माण कार्य की तकनीकी जांच और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।