
Gwalior EOW Caught Gram Rozgar Sahayak: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त या EOW रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर जिले के डबरा का है जहां एक रोजगार सहायक को EOW की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) पुलिस ने मंगलवार को डबरा तहसील के सागरपुरा बाबूपुर गांव में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक सोनू शर्मा को 5 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। ग्राम रोजगार सहायक सोनू शर्मा गांव के रहने वाले अजय कुशवाह से प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किश्त की राशि के एवज में पांच हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था। जिसकी शिकायत फरियादी अजय कुशवाह ने 31 जुलाई को EOW ग्वालियर कार्यालय में दर्ज कराई थी।
अपनी शिकायत में फरियादी अजय कुशवाह ने बताया कि उसके नाम पर पीएम आवास स्वीकृत हुआ है। योजना के तहत उसे दो किस्तें जारी हो चुकी हैं और तीसरी किस्त के 80 हजार रुपये खाते में डलवाने के एवज में रोजगार सहायक सोनू शर्मा उससे 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। EOW टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार (4 अगस्त) को रिश्वतखोर रोजगार सहायक को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
मंगलवार को EOW टीम ने फरियादी अजय कुशवाह को रिश्वत के 5 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर रोजगार सहायक सोनू शर्मा के पास भेजा। रोजगार सहायक ने रिश्वत देने के लिए फरियादी को पंचायत कार्यालय में बुलाया और यहां पर जैसे ही रिश्वत के रूपये लिए तो EOW की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। टीम ने रोजगार सहायक सोनू शर्मा के रासायनिक घोल से हाथ धुलवाए तो पानी का रंग गुलाबी हो गया जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि होने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि मौके पर ही कार्रवाई के बाद रोजगार सहायक सोनू शर्मा को जमानत पर छोड़ दिया गया।