ग्वालियर

फरवरी में सर्दी का ‘शॉर्ट सीजन’, 10 साल में पहली बार ऐसी स्थिति, तेज धूप से गेहूं पर खतरा

इस बार फरवरी में सर्दी का दौर अपेक्षाकृत कम समय का रहा। पिछले दस वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि आमतौर पर 10 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे और अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास बना रहता था। लेकिन इस बार पहले और दूसरे सप्ताह में ही सर्दी के तेवर नरम […]

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Feb 14, 2026

इस बार फरवरी में सर्दी का दौर अपेक्षाकृत कम समय का रहा। पिछले दस वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि आमतौर पर 10 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे और अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास बना रहता था। लेकिन इस बार पहले और दूसरे सप्ताह में ही सर्दी के तेवर नरम पड़ गए और धूप ने तेजी पकड़ ली। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं की फसल इस समय दाने बनने की अवस्था में होती है, जिसमें हल्की ठंड फायदेमंद मानी जाती है। तेज धूप और बढ़ते तापमान से दाने सिकुडऩे और उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर 18 फरवरी को हल्के बादल छा सकते हैं, जिससे रात के तापमान में उछाल आएगा।

जम्मू कश्मीर में लगातार पश्चिमी विक्षोभ आ रहे हैं। इन पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तरी हवा स्थिर नहीं हो पाई है। पहले सप्ताह से राजस्थान की हवा चल गई। इससे दिन व रात का तापमान बढ़ गया। दिन में तेज धूप होने लगी है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि तापमान फरवरी के अंत में पहुंचता है। समय से पहले सर्दी विदाई की ओर आ गई। इस बार होली 3 मार्च को जलेगी और 4 मार्च को रंग खिलेगा। होली के बाद तेजी से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

रिकॉर्ड तोड़ बारिश भी हुई, सर्दी का वैसा असर नहीं

जनवरी के अंत में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई। फरवरी के पहले सप्ताह में जिले में ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के कारण कोहरा भी छाया, लेेकिन कड़ाके की ठंडक नहीं थी। न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ था।

- जनवरी के अंत में कश्मीर में भारी बर्फबारी भी हुई है, लेकिन इस बर्फबारी का असर अंचल के मौसम पर नहीं दिखा है। जेट स्ट्रीम हवा जल्द पूर्वोत्तर की ओर शिफ्ट हो गई।

पिछले 10 साल में फरवरी दर्ज सबसे न्यूनतम तापमान

वर्ष तारीख तापमान

2016 5 6.2

2017 11 7.0

2018 09 5.5

2019 10 5.3

2020 3 5.8

2021 1 5.6

2022 6 6.4

2023 2 7.4

2024 9 6.8

2025 6 8.0

एक्सपर्ट

- गेहूं की फसल के लिए दिन का तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए था, लेकिन इस बार जल्दी तापमान बढ़ गया। इससे गेहूं जल्द पकेगा, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। सरसों को छोड़ हर फसल के लिए चिंता की स्थिति है।

डॉ राज सिंह कुशवाह, कृषि वैज्ञानिक

Published on:
14 Feb 2026 11:07 am
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