ग्वालियर

नगर निगम के सॉफ्टवेयर का खेल ! दूसरे का मकान अपने नाम कर बेच डाला, ग्वालियर में 4 पर FIR

Fraud in property tax software: ग्वालियर नगर निगम के संपत्तिकर सॉफ्टवेयर में फर्जीवाड़ा कर जालसाजों ने दूसरे के मकान की समानांतर आईडी बनाकर नाम-वार्ड बदल दिया और फर्जी रसीद से रजिस्ट्री करा ली।
2 min read
• •
Updated: 4 Sep 2026, 2:47 PM IST
नगर निगम के सॉफ्टवेयर में फर्जीवाड़ा, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
नगर निगम के सॉफ्टवेयर में फर्जीवाड़ा, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Gwalior news: मध्यप्रदेश के ग्वालियर नगर निगम के संपत्तिकर सॉफ्टवेयर में फर्जीवाड़ा कर दूसरे के मकान को अपने नाम कर बेचने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने इस खेल में मूल संपत्ति की एक समानांतर आइडी तैयार की उसमें मकान मालिक का नाम व वार्ड बदला। इसके बाद संपत्तिकर की फर्जी रसीद बनाकर मकान की रजिस्ट्री करा दी। नगर निगम की अंदरुनी जांच के आधार पर विश्वविद्यालय पुलिस ने संपत्तिकर विभाग के प्रभारी मुकेश सविता की शिकायत पर सहायक राजस्व निरीक्षक नरेन्द्र कुशवाह, रिटायर्ड एपीटीओ महेन्द्र शर्मा सहित जालसाजी से मकान बेचने वाले जयनारायण और खरीदार अशोक सिंह पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

सुरेश बनवानी निवासी टैगोर नगर वार्ड 30 ने शिकायत की थी उनका संपत्तिकर की आइडी में हेरफेर से उनका मकान किसी और को बेचा गया है। वह मूल आइडी 1000255876 से लगातार मकान का संपत्तिकर जमा करते रहे है। जालसाजों ने उनकी संपत्ति को हड़पने के लिए संपत्तिकर की फर्जी आइडी 1000107294 बनाई है। इसमें नगरनिगम के कर्मचारी शामिल हैं।

इन पर हुई एफआइआर

नरेंद्र कुशवाह-तत्कालीन सहायक राजस्व निरीक्षक (एआरआइ), नगर निगम ग्वालियर (अनियमितता पाए जाने निलंबित)।
महेंद्र शर्माः तत्कालीनएपीटीओ, नगर निगम ग्वालियर (वर्तमान में सेवानिवृत्त)।
जयनारायण (विक्रेता) निवासी ग्राम सिखाता, लहार, जिला भिंड।
अशोक सिंह (क्रेता) निवासी 138, यमुना नगर, ठाटीपुर, ग्वालियर।

लॉग रिपोर्ट से खुला फरेब

पुलिस का कहना है बनवानी की शिकायत पर नगरनिगम ने ई-नगरपालिका संचालनालय (भोपाल) से संदिग्ध आइडी को ट्रैक कराया। उसकी लॉग रिपोर्ट मांगी तब खुलासा हुआ कि 20 मार्च 2025 को शाम 4:17 बजे से 5:41 बजे के बीच में वार्ड 37 के राजस्व निरीक्षक (कर संग्राहक) नरेन्द्र कुशवाह ने अपनी यूजर आइडी से संपत्ति मालिक विजय पुत्र राजाराम पाल की बजाए जयनारायण पुत्र उदयसिंह किया और पता जागृतिनगर वार्ड 37 से बदलकर 01 टैगोरनगर वार्ड 30 किया है। आठ दिन बाद तत्कालीन एपीटीओ महेन्द्र शर्मा ने 28 मार्च ने अपनी यूजर आइडी से संपत्ति के क्षेत्रफल को बदला था।

फर्जी रसीद से रजिस्ट्री

रेकार्ड और संपतिकर की रसीदों में हेरफेर से जयनारायण पुत्र उदयसिंह निवासी सिखाता गांव भिंड ने मकान को अशोक सिंह पुत्र नन्हें सिंह निवासी यमुनानगर को बेचा और रजिस्ट्रार दफ्तर में पंजीयन भी कराया।

दूसरे का मकान बेचा, आरोपियों पर कार्रवाई

नगरनिगम के रेकार्ड और संपत्ति कर की फर्जी रसीदों के जरिए दूसरे की संपति को अपना बताकर बेचने की शिकायत नगरनिगम द्वारा की गई है। उसके आधार पर आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है।- रवि भदौरिया सीएसपी विश्वविद्यालय सर्किल

Updated on:
4 Sep 2026, 2:47 PM IST
Published on: