मंगलवार को शहर में एक साथ 5 पीड़ित बच्चे हुए अस्पताल में भर्ती, कुल संख्या हुई 40, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट, CMHO बोले- जांच जरूर कराएं।
कोरोना के बाद से एक के बाद एक अलग अलग तरह के वायरसों का अटैक इंसानों पर होने लगा है। इसी कड़ी में अब खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर एक नई वायरल मुसीबत मंडराने लगी है। मध्य प्रदेश के अलग अलग शहरों में इस मुसीबत भरे वायरस के मामले सामने आने लगे हैं। इस मुसीबच का नाम है ब्रोंकियोलाइटिस वायरस। बात करें सूबे के ग्वालियर जिले की तो यहां बीते 24 घंटों के दौरान ही ब्रोंकियोलाइटिस वायरस से ग्रस्त पांच बच्चे शहर कमलाराजा अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इसी के बाद शहर में अब ब्रोंकायोलाइटिस से पीड़ित बच्चों की कुल संख्या 40 पहुंच गई है। जानकारों की मानें तो इस बीमारी के लक्षण इन्फ्लूएंजा H3N2 वायरस से मिल रहे हैं, लेकिन अबतक इसे स्पष्ट रूप से नहीं पहचाना जा सका है।
इस बीमारी से मिलते-जुलते लक्षण वाली वायरल ब्रोंकियोलाइटिस इन दिनों तेजी से खासतौर पर छोटे बच्चों और अधिक उम्र वाले बुजुर्गों पर अपना असर दिखा रही है। ये बीमारी छोटे बच्चों में अधिक देखने को मिल रहा है। इस बीमारी में 2 से 4 दिन के अंदर ही हालत बिगड़ जाती है, जिसके चलते भर्ती करने की नौबत तक आ जाती है।
स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट
- बच्चों को सर्दी खांसी बुखार हो तो घर बैठे इलाज ना करें।
- सर्दी खांसी और बुखार से पीड़ित बच्चों- बुजुर्गों को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- ब्रोंकियोलाइटिस वायरल से पीड़ित बच्चों को मास्क लगाएं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार ?
इस संबंध में CMHO डॉ मनीष शर्मा का कहना है कि, ये एक तरह का वायरस है। इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल, किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं। फिलहाल, इस वायरस को लेकर सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि बच्चों में जैसे ही सर्दी - जुकाम के लक्षण दिखें तो उन्हें घरेलू तौर पर ठीक करने से बचे बल्कि, जल्द से जल्द उनकी जांच कराएं। चिकित्सकीय परामर्श जरूरी है।