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जीवाजी विवि के प्रश्नपत्र में चूक, परीक्षा से पहले जारी करना पड़ा संशोधन

‘द्वितीय’ की जगह छपा ‘प्रथम’, 21 मई की परीक्षा से पहले छात्रों और केंद्राध्यक्षों को दिए नए निर्देश

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जीवाजी विवि के प्रश्नपत्र में चूक, परीक्षा से पहले जारी करना पड़ा संशोधन

जीवाजी विवि के प्रश्नपत्र में चूक, परीक्षा से पहले जारी करना पड़ा संशोधन

ग्वालियर ञ्च पत्रिका. जीवाजी विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। 21 मई को होने वाली प्रथम वर्ष फाउंडेशन पाठ्यक्रम द्वितीय की परीक्षा के प्रश्नपत्र में बड़ी त्रुटि सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को आनन-फानन में संशोधन जारी करना पड़ा। प्रश्नपत्र में ‘द्वितीय’ की जगह गलती से ‘प्रथम’ छप गया, जिससे विद्यार्थियों और परीक्षा केंद्रों में भ्रम की स्थिति बन गई।
विश्वविद्यालय के अनुसार बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए और बीटीएम प्रथम वर्ष के छात्रों की इंग्लिश लैंग्वेज एंड इंडियन कल्चर विषय की परीक्षा 21 मई को दोपहर पाली में आयोजित होगी। इसी प्रश्नपत्र में पाठ्यक्रम संबंधी गलत उल्लेख किया गया था।
त्रुटि सामने आने के बाद सभी संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों और परीक्षा केंद्राध्यक्षों को निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रश्नपत्र में जहां ‘प्रथम’ लिखा है, वहां ‘द्वितीय’ पढ़ा जाए। विश्वविद्यालय ने संशोधित निर्देशों के अनुसार परीक्षा कराने को कहा है। परीक्षा से ठीक पहले हुई इस गलती से छात्रों में नाराजगी है। विद्यार्थियों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी लापरवाहियां उनकी तैयारी और मानसिक तनाव बढ़ा रही हैं।