ग्वालियर

ट्रैफिक नियम तोड़ने में ग्वालियर नंबर वन, प्रदेश में सबसे ज्यादा 473 डीएल भी यहां हुए निरस्त, इंदौर-भोपाल पीछे

सड़कों पर बेलगाम रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और सिग्नल जंप करना—ग्वालियर के वाहन चालकों की ये आदतें अब शहर की पहचान बन गई हैं। यातायात नियमों की अनदेखी का आलम यह है कि ग्वालियर ने लाइसेंस निरस्त कराने के मामले में पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है।
2 min read
• •
Updated: 29 May 2026, 6:06 PM IST
delhi mb road traffic advisory
साउथ दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी (Patrika File Photo)

ग्वालियर. सड़कों पर बेलगाम रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और सिग्नल जंप करना—ग्वालियर के वाहन चालकों की ये आदतें अब शहर की पहचान बन गई हैं। यातायात नियमों की अनदेखी का आलम यह है कि ग्वालियर ने लाइसेंस निरस्त कराने के मामले में पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में चले विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान ग्वालियर पुलिस ने सबसे ज्यादा 473 ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराकर नंबर वन का शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम किया है। हाल ही में हुई यातायात समिति की बैठक में जो आंकड़े पेश किए गए, वे चौंकाने वाले हैं। प्रदेश भर में कुल 2649 लाइसेंस निरस्त किए गए, जिसमें अकेले ग्वालियर की भागीदारी सबसे अधिक है। चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल और इंदौर जैसे महानगरों की तुलना में ग्वालियर की आबादी और वाहनों की संख्या कम होने के बावजूद, यहां लाइसेंस निरस्ती की संख्या सबसे ज्यादा है।

युवाओं में स्टंटबाजी और लापरवाही का जुनून

शहर की सड़कों पर सबसे ज्यादा लापरवाही 18 से 25 साल के युवाओं में देखी जा रही है। स्टंटबाजी, तेज रफ्तार और गलत साइड पर गाड़ी चलाना इनके लिए स्वैग बन गया है। यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, ड्रिंक एंड ड्राइव और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के केस में भी ग्वालियर अव्वल है।

सड़क पर डर और सिफारिश का खेल

यातायात विशेषज्ञ और रिटायर्ड डीएसपी राकेश सिन्हा का मानना है कि शहर की सड़कें अब सुरक्षित नहीं बची हैं। वे कहते हैं, सड़क पर चलते हुए अब डर लगता है कि न जाने कब कौन सी गाड़ी आकर टक्कर मार दे। हालात इसलिए बिगड़े हैं क्योंकि पुलिस की सख्ती के बीच रसूखदारों की सिफारिशों का दखल रहता है। जब भी पुलिस कसावट करती है, चालान बचाने के लिए फोन आने लगते हैं। केवल चालान काटने से ट्रैफिक अनुशासन नहीं सुधरेगा, इसके लिए ट्रैफिक एजुकेशन और कार्रवाई में जीरो टॉलरेंस जरूरी है।

लाइसेंस निरस्ती में टॉप तीन शहर
ग्वालियर:
473 लाइसेंस निरस्त
इंदौर: 380 लाइसेंस निरस्त
महू: 367 लाइसेंस निरस्त

सड़क सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। नियमों का पालन न करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हम स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। आने वाले दिनों में और सख्त अभियान चलाए जाएंगे और बार-बार नियम तोड़ने वालों को ब्लैक लिस्ट कर उनके लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त किए जाएंगे।
— अनु बेनीवाल, एएसपी (यातायात), ग्वालियर

Updated on:
29 May 2026, 6:06 PM IST
Published on: