
ग्वालियर। बड़ागांव-बेहट मार्ग पर मंगलवार को सड़क निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन सड़क से बाइक पर गुजर रहे जेठ-बहू रोड रोलर की चपेट में आ गए। हादसे में जेठ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बहू ने रात में अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। आक्रोशित लोगों ने सड़क निर्माण में लगे दो डंपर और एक टैंकर में आग लगा दी। इसके बाद बिजौली और बड़ागांव हाईवे पर करीब छह घंटे तक चक्काजाम रहा।
प्रदर्शनकारी रोड रोलर चालक और सड़क निर्माण ठेकेदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के साथ ठेकेदार की ओर से मृतक परिवार को 8 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। इसके बाद रात करीब 10.30 बजे जाम खोला गया। पुलिस ने जांच के बाद लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पुलिस के अनुसार सुल्तानपुर बिजौली निवासी विजेन्द्र सिंह (40) पुत्र बहादुर सिंह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे बाइक से अपनी बहू चमोली (32) पत्नी अजीत जाटव के साथ गांव से शहर की ओर जा रहा था। बड़ागांव से बेहट तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। गणेशपुरा रोड पर स्यावरी गांव के पास सड़क पर गिट्टी बिछाने के बाद रोड रोलर से उसे समतल किया जा रहा था।
इसी दौरान बाइक सवार विजेन्द्र और चमोली रोड रोलर की चपेट में आ गए। टक्कर लगने से दोनों बाइक से नीचे गिर गए। इसके बाद रोड रोलर विजेन्द्र के सिर के ऊपर से निकल गया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चमोली को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्यावरी गांव के लोग और विजेन्द्र के परिजन मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया और सड़क निर्माण में लगे दो डंपर व एक टैंकर में आग लगा दी। हालात बिगड़ने की सूचना पर शहर और देहात क्षेत्र से पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
लोगों ने विजेन्द्र का शव सड़क से नहीं उठाने दिया और रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि रोड रोलर चालक और ठेकेदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। उनका कहना था कि विजेन्द्र परिवार का मुखिया था और उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
करीब दो से तीन घंटे तक बिजौली का रास्ता जाम रखने के बाद प्रदर्शनकारी बड़ागांव हाईवे पर पहुंच गए। यहां भी लोगों ने सड़क पर बैठकर आवागमन रोक दिया। पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार समझाइश का दौर चलता रहा।
इसी बीच ठेकेदार की ओर से मृतक परिवार को 8 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। हालांकि इसी दौरान चमोली की इलाज के दौरान मौत होने की सूचना मिलने से माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। लोगों ने दोनों मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी।
करीब छह घंटे तक चले जाम के बाद पुलिस को आवेदन दिया गया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में रोड रोलर चालक या ठेकेदार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद रात करीब 10.30 बजे लोगों ने रास्ता खोल दिया और हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।
बाइक सवार जेठ-बहू निर्माणाधीन सड़क से निकलते समय रोड रोलर की चपेट में आए थे। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने निर्माण में लगे वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। समझाइश के बाद जाम खुल गया है। मामले की जांच की जा रही है। लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
— मनीष यादव, एसडीओपी बेहट