ग्वालियर

एमपी में बड़े अधिकारियों सहित तीन को हटाया, गड़बड़ी पर सरकार की सख्ती

Gwalior Transport Commissioner - मध्यप्रदेश में लापरवाह और गड़बड़ी करनेवाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर अब सख्त एक्शन लिया जा रहा है।

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Gwalior Transport Commissioner attached transport officers, employees

Gwalior Transport Commissioner- मध्यप्रदेश में लापरवाह और गड़बड़ी करनेवाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर अब सख्त एक्शन लिया जा रहा है। प्रदेश के ग्वालियर में परिवहन आयुक्त ने गंभीर शिकायत पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की। परिवहन चेक पॉइंट गाइडलाइन का उल्लंघन करते पाए जाने पर वरिष्ठ अधिकारी सहित तीन कर्मचारियों को हटाकर उन्हें मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई से एक दिन पहले ही परिवहन आयुक्त ने सभी चेक पॉइंट को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। 24 घंटों में उल्लंघन की शिकायत मिलने पर आयुक्त गुस्सा उठे और सख्त तेवर दिखाते हुए कार्रवाई कर दी।

ग्वालियर परिवहन आयुक्त कार्यालय ने चेक पोस्ट पर तैनात परिवहन अधिकारियों, कर्मचारियों की गंभीर शिकायत मिलने पर मुख्यालय अटैच कर दिया है। आयुक्त ने उत्तरप्रदेश सीमा पर झांसी-सागर में चेक पॉइंट पर संभागीय परिवहन सुरक्षा स्क्वॉड की प्रभारी उप निरीक्षक मीनाक्षी गोखले, परिवहन आरक्षक संध्या अहिरवार व रितु शुक्ला को तत्काल प्रभाव से हटाकर परिवहन आयुक्त कार्यालय ग्वालियर में अटैच किया है।

वसूली की शिकायत

चर्चा है कि चेक पोस्ट पर तैनात ये अधिकारी, कर्मचारी कटर को पदस्थ किए थीं और अवैध रूप से वसूली कर रही थीं। वाहन चालकों के साथ अभद्रता करने करने की बात भी सामने आ रही है। इनकी शिकायत लगातार परिवहन आयुक्त के पास पहुंच रही थी।

यह थे निर्देश

  • सूबे के सभी परिवहन चेक पॉइंट के लिए जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि बिना किसी को प्रताड़ित किए पारदर्शी तरीके से चेकिंग की जाए। स्क्वॉड के साथ संबद्ध ड्राइवर के अलावा कोई भी प्राइवेट व्यक्ति चेकिंग में शामिल नहीं होना चाहिए।
  • चालान केवल पीओएस मशीन के माध्यम से होना चाहिए।
  • चेकिंग के दौरान सिर्फ एक ही वाहन रोका जाए। कोई भी वाहन 15 मिनट से ज्यादा रोका जाता है तो यह समझा जाएगा कि अधिकारी की मंशा सही नहीं है।
  • रात को अगर चैकिंग की जाती है तो ऐसे स्थान का चयन किया जाए जहां रोशनी हो। रात में चेकिंग के दौरान स्टॉफ पर एलईडी और रिलेक्टर जैकेट हो तभी चैकिंग करें।
  • बॉडी वार्म कैमरा से चेकिंग करते समय दो कैमरे चालू हालत में हों। इसमें एक कैमरा लाइव मोड में रहे। प्रत्येक कैमरे को अधिकारी-कर्मचारी को आवंटित किया जाए और संबंधित उसी कैमरे का उपयोग करे। यदि कोई प्राइवेट कर्मचारी संपर्क में आता है तो उसकी रिकॉर्डिंग भी करें।
  • ड्रावर और अन्य किसी से विवाद होता है तो उसकी बॉडी वार्म कैमरे से रिकॉर्डिंग भी की जाए।
Published on:
19 Apr 2025 10:49 am
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