MP News: ग्वालियर की अर्नव ग्रीन सिटी कॉलोनी में ऐसा मंजर दिखा, जिसने लोगों की नींद उड़ा दी। सड़क और सिस्टम की खामियां एक साथ उजागर हो गईं।
Gwalior Water Pipeline Blast: ग्वालियर के बहोड़ापुर स्थित अर्नव ग्रीन सिटी कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब 6 बजे जब लोग गहरी नींद में थे, तब 30 इंच की मुख्य पानी की लाइन धमाके के साथ फट गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि जमीन के नीचे से निकले पानी के सैलाब ने घरों के चबूतरे उखाड़ दिए, सड़कों को दो फाड़ कर सुरंग बना दी और आधे दर्जन से ज्यादा मकानों की दीवारों में गहरी दरारें ला दीं। मिनटों में घरों में घुटनों तक पानी भर गया और लोग जान बचाने के लिए बदहवास होकर बाहर भागे। कई घरों की नींव तक में पानी चला गया। (MP News)
स्थानीय रहवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका आरोप है कि कॉलोनाइजर ने निगम के सिटी प्लानर और भवन अधिकारियों से साठगांठ कर फार्म फोर के नाम पर यह कॉलोनी बसाई। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि जिस 30 इंची मुख्य पाइप लाइन के ऊपर कोई निर्माण नहीं होना चाहिए था, उसी के ठीक ऊपर पूरी कॉलोनी खड़ी कर दी गई। शनिवार को जब लाइन बस्ट हुई, तो जमीन के अंदर का पूरा ढांचा हिल गया। लोगों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपए देकर यहां प्लॉट खरीदे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये दिन भी देखने को मिलेंगे।
हादसे के बाद अपर आयुक्त प्रदीप सिंह तोमर मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों ने निगम और कॉलोनाइजर से मुआवजे की मांग करते हुए काम रुकवा दिया। लोगों का तर्क था कि निगम की लापरवाही से उनके जीवनभर की कमाई से बने घर खंडहर होने की कगार पर हैं। काफी समझाइश के बाद शाम को मरम्मत कार्य शुरू हो सका, जो देर रात तक जारी रहा।
लाइन डैमेज होने के कारण उपनगर ग्वालियर के एक बड़े हिस्से में जल संकट खड़ा हो गया है। सहायक यंत्री राम सेवक शाक्य के अनुसार, रविवार (11 जनवरी) को वार्ड 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16 और 17 में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।
अर्नब ग्रीन सिटी कॉलोनी एक फार्म फोर कॉलोनी है, जिसे टीएंडसीपी और निगम द्वारा 2015 में अनुमति मिली है। यह कॉलोनी कांग्रेस नेता सूर्यकांत शर्मा व उनके बेटे राहुल शर्मा द्वारा काटी गई। वर्ष 2015 में ही तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जागेश श्रीवास्तव द्वारा कॉलोनी को पीएचई की एनओसी जारी की गई थी. जबकि इसी जमीन पर स्टेट टाइम की पानी की लाइन निकली हुई थी। हालांकि पीएचई के प्रभारी सहायक यंत्री रामसेवक का कहना है कि इसकी एनओसी पीएचई की ओर से जारी नहीं की गई थी। वहीं इस मामले में निगमायुक्त संघ प्रिय ने नगर निवेशक (सिटी प्लानर) महेंद्र अग्रवाल से पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
खास बात यह है कि बीते महीने ही इसी कॉलोनी में सीवर की लाइन धंसकने से एक डंपर पलट गया था जिसमें एक वृद्ध की दबकर मौत हो गई थी। वृद्ध घर के बाहर बैठे हुए थे, तभी यह हादसा हुआ था। (MP News)