
ग्वालियर . विक्टोरिया मार्केट अब जूलॉजिकल म्यूजियम के नाम से जानी जएगी, इसके लिए केंद्र सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की गई है, जिसमें करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से म्यूजियम तैयार होगा। संस्कृति विभाग से मिली डीपीआर की प्रति शनिवार को निगमायुक्त विनोद शर्मा ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को दी। तोमर ने विभागीय अधिकारियों से कहा है डीपीआर तत्काल प्रस्तुत की जाए, ताकि जूलॉजिकल म्यूजियम स्थापित करने की कार्रवाई तेजी से की जा सके।
2010 में हुई थी आगजनी
ऐतिहासिक इमारत सन् 2010 में विक्टोरिया मार्केट में हुई अग्नि दुर्घटना से इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी। निगम द्वारा इस भवन को पुन: बनाया गया।
भारत सरकार द्वारा जूलॉजिकल म्यूजियम स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इस डीपीआर की स्वीकृति के बाद म्यूजियम बनने का कार्य प्रारंभ हो जायेगा।
वर्तमान में देश में छह जूलॉजिकल म्यूजियम स्थापित हैं। ग्वालियर में स्थापित होने वाला यह 7वां और आधुनिक जूलॉजिकल म्यूजियम होगा। इस म्यूजियम की स्थापना के बाद प्रतिदिन स्क्रीन के माध्यम से आमजनों के लिये जूलॉजिकल म्यूजियम के बारे में और भू-विज्ञान की विशेष जानकारी प्रदर्शित की जाएंगी।
पांच गैलरियां प्रस्तावित
जिनमें भूगर्भ एवं पृथ्वी की सृष्टि के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की जानकारी, ज्वालामुखी, भूकम्प सौर मण्डल के साथ ही विभिन्न ग्रहों की जानकारी प्रदर्शित की जायेगी।
पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति भूगर्भीय वैज्ञानिक समय, पृथ्वी की आयु, जीवन उत्पत्ति एवं प्राणियों के विकास की जानकारी भी प्रदर्शित की जायेगी।
गैलरी में चट्टानों एवं खनिजों का वर्गीकरण, चित्रण तथा खदानों के उत्खनन की जानकारी भी प्रदर्शित होगी।
भौगोलिक रूप से पाए जाने वाले खनिजों, चट्टानों की जानकारी भी आम लोगों को देखने को मिलेगी।
राष्ट्र निर्माण एवं विकास में भू.विज्ञान तथा भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की भूमिका मानचित्र अभियांत्रिकीय, भू-विज्ञान में बड़े.बड़े बांध, सिंचाई, बिजली उत्पादन आदि का प्रदर्शन भी होगा।