
नरेन्द्र कुइया @ ग्वालियर
कहा जाता है कि यदि इंसान किसी बात को ठान ले तो वह कुछ भी कर सकता है। बस इसके लिए उसमें ऐसा जज्बा होना जरूरी है। कुछ ऐसे ही जज्बे वाला काम कर रही हैं 65 वर्षीय जयश्री कौशिक। पैरों से चलने और फिरने में अक्षम जयश्री को करीब 30 वर्ष पूर्व डॉक्टर साफ-साफ कह चुके थे कि आपके दोनों घुटने खराब हैं इन्हें बदलना पड़ेगा। पर डॉक्टरों की बात को अनसुना करते हुए जयश्री ने खुद ही योग और प्राणायाम के बल पर अपने घुटनों सहित दूसरी क्रोनिक बीमारियों को काफी हद तक दूर किया और फिर तीन लिम्का अवॉर्ड भी अपने नाम किए। यही नहीं जयश्री अब लोगों को योग और प्राणायाम की तालीम दे रही हैं। सुबह से लेकर शाम तक वे अपने घर पर इसे सिखाती हैं। अभी तक 500 से अधिक लोग उनसे ट्रेनिंग ले चुके हैं।
ऐसे बनाए रिकॉर्ड
जयश्री ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने का संदेश देने के लिए रिकॉर्ड बनाने का मन बनाया। इसके लिए खुद लैपटॉप पर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ रिकाड्र्स आदि सर्च किए। इसके बाद दो साल तक प्रैक्टिस की और जून 2017 में दो रिकॉड्र्स के लिए दावेदारी पेश की, जिसे लिम्का बुक्स ऑफ रिकाड्र्स में गत वर्ष दर्ज किया गया। उनके नाम 20 मिनट में 2600 कपालभाति प्राणायाम करने के साथ ही दो मिनट 49 सेकंड में 121 हस्तपादासन का रिकॉर्ड दर्ज हुआ। इसके बाद 27 जून 2018 को 30 मिनट तक 660 हलासन का रिकॉर्ड बनाया, यह भी लिमका बुक रिकॉर्ड में इस वर्ष दर्ज कर लिया गया है। इस उपलब्धि को हासिल करने वाली वे प्रथम इंसान हैं।
सिखा रहीं कैसे रखें खुद को स्वस्थ
एजी ऑफिस से सेवानिवृत्त जयश्री कौशिक ने जब देखा कि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक नहीं तो उन्होंने विनय नगर सेक्टर-3 स्थित अपने निवास पर ही लोगों को विभिन्न रोगों से बचने के उपाय बताना शुरू कर दिया। इसके लिए उन्होंने मॉम्स इंटरेस्टिंग बॉडी मैनेजमेंट मोटिवेशनल प्रोग्राम तैयार किया है। इससे वे फिट रहने के फंडे बताती हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईटिंग मैनेजमेंट सिस्टम भी तैयार किया है, जिसके जरिए लोगों को खानपान के बारे में भी बताती हैं। किचिन की सामग्री के मुताबिक ही लोगों को कब-कब और क्या-क्या खाना चाहिए। ये सब भी वे बताती हैं।
30 मिनट में 660 हलासन
दो मिनट 49 सेकंड में 121 हस्तपादासन