
एलएनआइपीई स्थापना दिवस पर ध्वजारोहण, पूर्व छात्रों का सम्मान और लेजिम-मलखंभ की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ग्वालियर. लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआइपीई) का स्थापना दिवस इस बार गौरव, परंपरा और पुरानी यादों के संगम के रूप में मनाया गया। सुबह ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ समारोह शाम तक पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों से रंगारंग बना रहा। संस्थान गीत ‘शक्ति नगर के सैनानी’ की प्रस्तुति ने परिसर में मौजूद पूर्व और वर्तमान विद्यार्थियों को भावुक कर दिया। लंबे समय बाद अपने पुराने संस्थान पहुंचे पूर्व छात्रों ने प्रशिक्षण के दिनों की यादों को साझा किया और वर्तमान विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
समारोह में एलएनआइपीई की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा ने कहा कि संस्थान केवल शारीरिक शिक्षा प्रदान करने वाला केंद्र नहीं है, बल्कि युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, स्वास्थ्य, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका हैकार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि संचित गुलियानी, सीईओ, आर्चरी इंडिया और प्रो. राजेश सिंह तोमर, कुलपति, एमिटी यूनिवर्सिटी ग्वालियर सहित संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, पूर्व छात्र और वर्तमान विद्यार्थी मौजूद रहे।
स्थापना दिवस पर बड़ी संख्या में पूर्व छात्र वर्षों बाद अपने पुराने परिसर में पहुंचे। परिसर में कदम रखते ही प्रशिक्षण के दौरान बिताए दिन उनकी आंखों के सामने ताजा हो गए। इस अवसर पर संस्थान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। प्रो. अनिंदिता दास को बेस्ट टीचर अवॉर्ड प्रदान किया गया। पूर्व छात्र अरविंद राणा ने कहा कि स्थापना दिवस पर एलएनआइपीई लौटना बेहद भावुक अनुभव रहा। परिसर में आते ही प्रशिक्षण के दिनों की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि संस्थान ने खेल के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और मेहनत की जो सीख दी, वह आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। पूर्व छात्र शरद ने कहा कि वर्षों बाद परिसर में लौटकर ऐसा लगा जैसे अपने घर वापस आए हों। विद्यार्थियों की लेजिम, डंबल्स और मलखंभ की प्रस्तुतियां देखकर पुराने प्रशिक्षण के दिन फिर से आंखों के सामने घूम गए।
शाम के सांस्कृतिक एवं खेल कार्यक्रम में बीपीएड विद्यार्थियों ने लेजिम, डंबल्स, दंड-बैठक और मलखंभ की शानदार प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों के बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और शारीरिक दक्षता ने दर्शकों को प्रभावित किया। हर प्रस्तुति के बाद परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।इसके बाद वर्तमान विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्सव का रंग भर दिया। संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान पूर्व छात्र भी भावुक नजर आए और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
स्थापना दिवस समारोह में संस्थान की गौरवशाली परंपरा और नई पीढ़ी की ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर पूर्व छात्र अपने प्रशिक्षण और संस्थान से जुड़ी यादों को साझा कर रहे थे, वहीं वर्तमान विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर रहे थे।‘शक्ति नगर के सैनानी’ की गूंज ने समारोह के भाव को और मजबूत किया। यह गीत संस्थान से जुड़े विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के लिए केवल एक संस्थान गीत नहीं, बल्कि उनकी साझा पहचान और गौरव का प्रतीक बनकर सामने आया। स्थापना दिवस ने यह संदेश भी दिया कि एलएनआइपीई की पहचान केवल उसके परिसर और पाठ्यक्रमों से नहीं, बल्कि यहां से निकलकर खेल एवं शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों से है।