
कंपू स्थित पुलैला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में बढ़ते खिलाड़ियों के दबाव के बीच खेल विभाग का फैसला, प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों को मिलेगा अधिक समय
ग्वालियर. कंपू स्थित पुलैला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या के चलते अब प्रशिक्षण व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी है। एकेडमी में खेल विभाग के खिलाड़ियों के साथ निजी एकेडमी के खिलाड़ी भी नियमित अभ्यास करते हैं। इससे कोर्ट पर दबाव बढ़ गया है और खेल विभाग के खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास समय नहीं मिल पा रहा है। इसी समस्या को देखते हुए निजी एकेडमी को कंपू से हटाकर मुरैना रोड स्थित खेलगांव में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार खेलगांव में बैडमिंटन के लिए कोर्ट तैयार किए जा चुके हैं। ऐसे में निजी एकेडमी को वहां संचालन की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव लागू होने पर कंपू स्थित एकेडमी के कोर्ट का उपयोग मुख्य रूप से खेल विभाग और अकादमी के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए किया जा सकेगा। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए अधिक समय मिलेगा और प्रशिक्षण व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।
छह कोर्ट, फिर भी बढ़ रहा दबाव
पुलैला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में खिलाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां चार प्रैक्टिस कोर्ट हैं, जबकि दो कोर्ट प्रतियोगिताओं के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों के अलावा निजी एकेडमी के खिलाड़ी भी इन्हीं कोर्ट का उपयोग करते हैं। खिलाड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण एक समय में सभी को पर्याप्त कोर्ट टाइम देना चुनौती बन रहा है। खेल विभाग अब उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की दिशा में काम कर रहा है। खेलगांव में तैयार बैडमिंटन कोर्ट का उपयोग निजी एकेडमी के लिए किए जाने से कंपू स्थित एकेडमी पर दबाव कम होगा। हालांकि निजी एकेडमी को स्थानांतरित करने का अंतिम निर्णय संबंधित स्तर पर लिया जाना बाकी है।
कलेक्ट्रेट के पास स्टेडियम की जमीन कानूनी पेंच में
शहर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए कलेक्ट्रेट के पास खेल विभाग को जमीन उपलब्ध कराने की योजना भी फिलहाल अटकी हुई है। यहां स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन उपलब्ध जमीन का क्षेत्रफल प्रस्तावित निर्माण और खेल सुविधाओं के लिहाज से पर्याप्त नहीं माना गया। इसके साथ ही जमीन से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण निर्माण की राह भी आसान नहीं है। खेल विभाग शहर में नए खेल मैदान और सुविधाएं विकसित करने के लिए लंबे समय से उपयुक्त जमीन की तलाश कर रहा है। कलेक्ट्रेट के पास प्रस्तावित स्टेडियम बनता तो आसपास के बच्चों और खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। जमीन की कमी और कानूनी विवाद के चलते फिलहाल यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
क्या कहा खेल अधिकारी ने
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी अरविंद राणा ने बताया कि पुलैला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए पर्याप्त कोर्ट टाइम की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए निजी एकेडमी को खेलगांव में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।