ग्वालियर

श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में उतारें युवा, कर्मयोगी बनकर आगे बढ़ें

मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और क्षमता है। इस ऊर्जा को सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा में लगाकर वे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनोबल ऊंचा रखते हुए संतुलन बनाए रखना चाहिए। संगठित प्रयासों से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
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Dr. Awadhesh Pratap Singh, Chairperson of the State Human Rights Commission
डॉ. अवधेश प्रताप सिंह शुक्रवार को यादव महासभा जन्माष्टमी आयोजन समिति की ओर से आयोजित भव्य श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

ग्वालियर. राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल हमारे आराध्य ही नहीं, बल्कि उनके जीवन और गीता की शिक्षाएं आज भी युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने, कर्म के प्रति समर्पित रहने और लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढऩे की प्रेरणा देती हैं। युवाओं को चाहिए कि वे योगेश्वर श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर कर्मयोगी बनें और समाज व प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दें।
डॉ. अवधेश प्रताप सिंह शुक्रवार को यादव महासभा जन्माष्टमी आयोजन समिति की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की आरती कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं और जनसमुदाय को जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दीं।

सनातन धर्म की स्थापना और उसके संरक्षण में श्रीकृष्ण की अग्रणी भूमिका


उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की स्थापना और उसके संरक्षण में योगेश्वर श्रीकृष्ण की अग्रणी भूमिका रही है। उनका जीवन धर्म की स्थापना, कर्तव्य और कर्म का संदेश देता है। भारत का इतिहास भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता के उल्लेख के बिना पूरा नहीं हो सकता। गीता में दिए गए कर्मयोग के संदेश को वर्तमान समय में भी जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनाया जा सकता है।
मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और क्षमता है। इस ऊर्जा को सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा में लगाकर वे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनोबल ऊंचा रखते हुए संतुलन बनाए रखना चाहिए। संगठित प्रयासों से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। उन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास और एकजुटता से समाज के सामने आने वाली कठिनाइयों का समाधान किया जा सकता है।

सफल लोगों को अपनी सफलता का ‘माखन’ समाज में बांटना चाहिए

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के बाद व्यक्ति का दायित्व केवल स्वयं तक सीमित नहीं होना चाहिए। सफल लोगों को अपनी सफलता का ‘माखन’ समाज में बांटना चाहिए और सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढऩा चाहिए। सामाजिक समरसता और सामूहिक विकास की भावना से ही प्रदेश और देश को आगे ले जाया जा सकता है। महोत्सव के दौरान डॉ. अवधेश प्रताप सिंह का जन्मदिन भी था। इस अवसर पर युवा, यादव महासभा समिति के सदस्यों और शुभचिंतकों ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। विभिन्न स्थानों पर केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, युवा और नागरिक मौजूद रहे।
आयोजन में राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, अपैक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष बलवीर सिंह यादव, जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह यादव, राजेंद्र सिंह यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और प्रतिष्ठित समाजजन उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ग्वालियर के पदाधिकारी डॉ. दीपक शर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

Updated on:
04 Sept 2026 10:18 pm
Published on:
04 Sept 2026 10:18 pm