ग्वालियर

ग्वालियर का हरमन: ताइक्वांडो में भारत का भविष्य का स्टार

वर्ष 2014 में बड़ी बहन के अभ्यास को देखकर हरमन में ताइक्वांडो के प्रति रुचि जगी

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Jan 16, 2026
ग्वालियर पहुंचने पर ताइक्वांडो खिलाड़ी हरमन सिंह का रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया

ग्वालियर. महज सात साल की उम्र में ताइक्वांडो शुरू करने वाले हरमन ने अपनी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया। हाल ही में उन्हें भारतीय सेना में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से हवलदार पद पर नियुक्त किया गया।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां

हरमन की खेल यात्रा में कई महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल हैं:

  • 2017: कर्नाटक सब-जूनियर नेशनल्स – स्वर्ण पदक
  • 2018: सीबीएसई नेशनल्स – रजत पदक
  • 2019: सब-जूनियर नेशनल्स – दूसरा स्वर्ण पदक
  • 2024: एसजीएफआई नेशनल्स (बेतुल) और जूनियर नेशनल्स (औरंगाबाद) – स्वर्ण पदक
  • जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप (कोरिया, चुनचॉन) – भारत का प्रतिनिधित्व

प्रेरणा और शुरुआती संघर्ष

हरमन बताते हैं कि उनकी प्रेरणा बड़ी बहन और कोच सुनील नार्वे से मिली। परिवार का सहयोग और आत्मअनुशासन उनकी सबसे बड़ी ताकत है। कोरोना महामारी के दौरान भी उनका अभ्यास रुका नहीं, जिससे उनकी खेल यात्रा में कोई बाधा नहीं आई।

भविष्य के लक्ष्य

हरमन का लक्ष्य ओलंपिक और विश्व स्तर पर भारत के लिए पदक जीतना है। उनकी कहानी दिखाती है कि अगर मेहनत, जुनून और सही मार्गदर्शन मिले तो कोई भी युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाम हासिल कर सकता है।

Published on:
16 Jan 2026 10:12 pm
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