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‘गन लाइसेंस लेने की व्यवस्था बदली, अब नए तरीके से करना होगा आवेदन

MP News: नई व्यवस्था के तहत नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने पर संबंधित टीम आवेदक के घर पहुंचकर पते का सत्यापन करेगी।
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ग्वालियर

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Astha Awasthi

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Updated: 3 Sep 2026, 12:44 PM IST

Gun license renewal

Gun license renewal प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने हथियार लाइसेंस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब नए गन लाइसेंस, रिन्यूअल और हथियार ट्रांसफर के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत आवेदक भारत सरकार के पोर्टल www.ndalalis.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदक स्वयं अपनी आईडी बनाकर आवेदन कर सकते हैं या फिर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

शस्त्रों का रिकॉर्ड भी तेजी से ऑनलाइन

आवेदन करने के बाद संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी भेजी जाएगी, जो जांच की प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिले में लाइसेंस शाखा द्वारा शस्त्रों का रिकॉर्ड भी तेजी से ऑनलाइन किया जा रहा है। दरअसल जिले में करीब 35 हजार से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं, जिनका अब तक रिकॉर्ड मैनुअल रूप में ही रखा जा रहा था। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल होता था कि लाइसेंसधारी साल में कितने कारतूस खरीद रहे हैं या शस्त्र से संबंधित अन्य जानकारी क्या है। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद अब इन सभी लाइसेंस और शस्त्रों की जानकारी डिजिटल पोर्टल पर अपलोड की जा रही है, जिससे पूरी व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित बन सके।

पते का सत्यापन करेगी टीम

नई व्यवस्था के तहत नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने पर संबंधित टीम आवेदक के घर पहुंचकर पते का सत्यापन करेगी। इसके साथ ही आसपास के पड़ोसियों के बयान भी लिए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करेगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय कलेक्टर द्वारा लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से फाइलों के गुम होने, देरी और रिकॉर्ड की गड़बड़ी जैसी समस्याएं खत्म होंगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।

अभी शस्त्रों की जानकारी अपलोड होना बाकी

  • जिले में मौजूद कई लाइसेंसधारियों के शस्त्रों की जानकारी अभी ऑनलाइन अपलोड नहीं हुई है।
  • किसने कब बंदूक खरीदी, उसका नंबर क्या है या शस्त्र बेचकर नया खरीदा है या नहीं, यह जानकारी अभी मैनुअल रजिस्टर में ही दर्ज है।