हरसी हाई लेवल नहर में सात फीट ऊंची कंक्रीट की दीवारें खड़ी कर दी हैं। इन दीवारों से बांध से आने वाले पानी को रोका गया है, जिससे नीचे के 150 गावों को पानी नहीं मिल
हरसी हाई लेवल नहर में सात फीट ऊंची कंक्रीट की दीवारें खड़ी कर दी हैं। इन दीवारों से बांध से आने वाले पानी को रोका गया है, जिससे नीचे के 150 गावों को पानी नहीं मिल सके। नहर प्रभारियों की निगरानी में ये दीवारें खड़ी की गई हैं, लेकिन वह अंजान बन रहे हैं। नहर में बनी कंक्रीट की दीवारों के फोटो को भी गलत बता रहे हैं।
पत्रिका ने जब मामले की पड़ताल की तो स्थिति गंभीर दिखी। नहर में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाता है तो कैनाल टूट सकती है। खेत खराब होने के साथ किसी गांव में बाढ़ भी जा सकती है। जिम्मेदार अधिकारी दीवारों को झुठला रहे हैं, लेकिन फोटो में सात-सात फीट कंक्रीट की दीवारें दिख रही हैं। हरसी नहर के डी-15 उर्वा व डी 18 शीतलपुर चक के पास सहायक नहर बनाई गई है। इन सहायक नहरों पर क्रंकीट की दीवारें खड़ी करके स्टॉप डैम बना डाले। इसमें विभाग के अधिकारियों की भी भूमिका सामने आ रही है। क्योंकि जिन लोगों ने इसे खड़ा किया है, उनका कहना है कि अधिकारियों ने इसकी स्वीकृति दी है। इन दीवारों की वजह से नीचे गांव के किसान चिंतित हो गए हैं। नहर में पांच से छह फीट पानी आता है तो उनके लिए नहीं निकलेगा।
शीतलपुर के पास किसानों ने दीवार खड़ी की हैं। जिन्होंने खड़ी की उन्हें हटाने बोल दिया है। नहीं तोड़ते हैं तो मशीन से हटवाएंगे।
महेश चंद्र शर्मा, एसडीओ जल संसाधन
नहर के अंदर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई जा सकती है। विभाग से नहर में दीवार बनाने की स्वीकृति नहीं मिलती है। इस मामले की जानकारी ले रहे हैं। इन दीवारों को तुड़वाया जाएगा।
पंकज सेंगर, कार्यपालन यंत्री