ग्वालियर

खौफनाक : लडक़ी को भगा ले गया लडक़ा, फिर ये हुआ लडक़े के पिता का हाल, देखें VIDEO

खौफनाक : लडक़ी को भगा ले गया लडक़ा, फिर ये हुआ लडक़े के पिता का हाल, देखें VIDEO
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Updated: 26 Nov 2018, 1:08 PM IST
खौफनाक : लडक़ी को भगा ले गया लडक़ा, फिर ये हुआ लडक़े के पिता का हाल, देखें VIDEO
खौफनाक : लडक़ी को भगा ले गया लडक़ा, फिर ये हुआ लडक़े के पिता का हाल, देखें VIDEO

ग्वालियर। चुनाव को लेकर कड़ी सुरक्षा के दावों की फिर पोल खुल गई, रविवार को दिनदहाड़े हत्यारों ने सफाईकर्मी को उसके घर से अगवा किया फिर पीट-पीटकर मार डाला। फिर उसकी लाश को गिरवाई थाने के पीछे फेंककर भाग गए। हत्या के पीछे सफाईकर्मी के बेटे की आशिकी वजह सामने आई है। बेटा कुछ दिन पहले प्रेमिका को लेकर भाग गया है। उसका पता लगाने के लिए युवती के परिजन ने सफाईकर्मी को घर से अगवा किया था। पूछताछ में बेरहमी से उसे डंडे, सरियों से पीटकर मार डाला।

विकास वाल्मीकि निवासी अवाड़पुरा ने बताया भाई अरुण का गिरवाई निवासी युवती से इश्क है। दोनों एक बार घर से भाग चुके हैं। तब उन पर दबाव बनाकर हाजिर कराया था। युवती को पुलिस ने नारी निकेतन में भेजा था। वहां से उसे परिजन घर ले गए। 6 सितंबर को दोनों फिर भाग गए। दो दिन पहले उनकी लोकेशन रेलवे स्टेशन के पास पता चली थी। इसलिए युवती के परिजन उनके परिवार से दुश्मनी ठाने हैं। उन्हें शक है कि अरुण और उसकी प्रेमिका को फिर भगाने में माता पिता का हाथ है। इसलिए सोमवार को गिरवाई निवासी राजू, आकाश, संतोष, चुन्नू, रिंकू, संदीप, बृजेन्द्र और विष्णु उसका पता लगाने के लिए घर आए।

पिता दीपक वाल्मीकि से कहा कि बेटे का पता बता दो, वरना ठीक नहीं होगा। पिता ने कसमें खाईं कि उन्हें नहीं पता कि अरुण और उसकी प्रेमिका कहां है, लेकिन घर में घुसे लोगों ने उनकी बात पर भरोसा नहीं किया। बल्कि इस पर उतारू हो गए कि दीपक ऐसे सच नहीं बोलेगा, इसे उठाकर अपने ठिकाने पर ले चलो। मां कमलेश और चाचा बिरजू ने पिता को इन लोगों से छुड़ाने की कोशिश की तो, उन्हें पीटा, घर में तोडफ़ोड़ कर पिता को किडनेप कर ले गए।

शाम करीब 4:30 बजे पता चला कि पिता का शव गिरवाई थाने के पीछे पड़ा है। पुलिस ने बताया दीपक का सिर फटा था, शव थाने से करीब 50 कदम की दूरी पर सडक़ किनारे झाडिय़ों के पास फेंका गया था। आशंका है कि हत्यारों ने दीपक की हत्या किसी और जगह पर की है। उसे डंडे और सरियों से पीटा है। फिर उसके शव को ठिकाने लगाने ले जाने का प्रयास किया है, लेकिन पकड़े जाने के डर से उसे यहां पटक कर भाग गए।

पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन नहीं सुनी
विकास का आरोप है कि हत्यारे सुबह पिता को जबरिया घर से उठा ले गए तब मां और चाचा ने कंपू पुलिस को घटना बताई थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसलिए हत्यारे बेखौफ रहे। उनकी तुरंत घेराबंदी की जाती तो पिता को बचाया जा सकता था। उनकी जान बचाने के लिए परिजन ने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी, वहां भी सुनवाई नहीं हुई।

तीन थानों में उलझा मामला
दीपक के अपहरण और फिर हत्या की वारदात तीन थानों में उलझी रही। गिरवाई पुलिस ने शव देख लिया, लेकिन कार्रवाई के लिए जनकगंज पुलिस को बताया, क्योंकि पुलिस की नापतौल में गिरवाई थाने के पीछे का हिस्सा जनकगंज थाने की हद में आता है। फिर तय हुआ कि घटना अवाड़पुरा से शुरू हुई है तो कंपू पुलिस अपहरण और हत्या की कार्रवाई करेगी। इसलिए जनकगंज पुलिस मर्ग कायम कर केस डायरी कंपू थाने भेजेगी।

Updated on:
26 Nov 2018, 1:08 PM IST
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