चार महीने की मशक्कत के बाद 17 फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले मास्टरमाइंड रियाल उर्फ मित्यानंद भिक्षु सहित विप्लव अधिकारी, जॉय चौधरी और प्रयॉन राय के अलावा लोकल स्लीपर सेल के गुलाबराय उर्फ सम्यक बोधि भंते, गयाप्रसाद उर्फ ज्ञानज्योति भंते और भोपाल के पासपोर्ट एजेंट नसीम अख्तर ही एसटीएफ के हाथ आए हैं। बाकी 66 घुसपैठिए फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि फर्जी पासपोर्ट की जांच शुरू होने की भनक लगते ही ज्यादातर घुसपैठिए मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और चीन सहित अन्य देशों में भाग गए हैं।