हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर अपने निजी बैंक खातों से चेक के माध्यम से जुर्माने की राशि जमा करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राशि सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों को अपनी जेब से भरनी होगी। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर प्रिंसिपल रजिस्ट्रार को उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।