ग्वालियर

होटल के स्वीमिंग पूल में नादान डूबा मौत, दफन शव खोदा

प्रिंस मामा होटल में बना स्वीमिंग पूल अवैध बताया गया है। उधर होटल मैनेजर देवेन्द्र दलील दे रहा है। दिनेश के परिवार ने फोन पर बुकिंग की थी। उनके लिए सारे इंतजाम किए थे। परिवार के बड़े सदस्य बड़े पूल में और बच्चे छोटे पूल में नहा रहे थे। इन लोगों के निकलने का वक्त हुआ तब बच्चे के बारे में पूछा था। बच्चे को हर जगह तलाशा कहीं मिला तब पूल में झांका तो वहां पड़ा मिला।

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परिवार के साथ होटल में पूल पार्टी मनाने गया सात साल के लडक़े की स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत

परिवार के साथ होटल में पूल पार्टी मनाने गया सात साल के लडक़े की स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। हादसा गिरवाई पर प्रिंस मामा होटल में सोमवार रात का है। बड़े पूल में बच्चों के लिए छोटा पूल बना है बच्चा छोटे पूल में था वहां से बड़े पूल में गिर गया। करीब 20 मिनट बाद उसे तलाशा तो स्वीमिंग पूल की तली में मिला। परिजन ने उसके शव को पहले दफन कर दिया फिर होटल प्रबंधन पर लापरवाही की शिकायत की है।
बुधवार को पुलिस ने लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में दफन बच्चे के शव को खोदकर पोस्टमार्टम कराया है। घटना की जांच के लिए होटल के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए है।

लखनलाल पाल निवासी गोल पहाडिय़ा ने बताया होटल प्रिंस मामा प्रबंधन की लापरवाही से नादान भतीजे वेद (7) पुत्र दिनेश की जान चली गई। दिनेश पाल सोमवार रात करीब 8 बजे पत्नी पूजा, बड़े बेटे सुरजीत (9) छोटे बेटे वेद , भांजी कंचन, भांजा दामाद मुकेश भाई देवेन्द्र सिंह पाल के साथ प्रिंस मामा होटल में पूल पार्टी करने गया था। होटल के स्वीमिंग पूल के हिस्से में बच्चों के लिए छोटा पूल भी बना है। परिवार के बड़े सदस्य पूल में नहाने उतर गए। बच्चे छोटे पूल में खेल रहे थे वेद भी हमउम्र बच्चों के साथ छोटे पूल में था। छोटे पूल की बाउंड्री बड़े पूल के पानी से थोड़ी ऊंची है। वेद उससे पार कर बड़े पूल में गिर गया।

होटल प्रबंधन की लापरवाही से हादसा

देवेन्द्र पाल ने बताया होटल में पूल के पास अंधेरा था। उसकी शिकायत भी परिवार ने होटल प्रबंधन से की थी। लेकिन लाइट का इंतजाम नहीं हुआ। नादान वेद बच्चों और बड़ों के पूल के बीच अंतर नहीं समझ पाया। छोटे पूल की बाउंड्री पर चढक़र बड़े में कूद गया। होटल प्रबंधन ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए थे। न तो बच्चों को सेफ्टी जैकेट दी न सेफ्टी गार्ड था। थोड़ी देर बाद भाई दिनेश को वेद छोटू पूल में नहीं दिखा तब उसे ढूंढा।
करीब 20 मिनट बाद वेद पूल की तली में पड़ा दिखा। उसे पानी से निकाल कर जीवाजीगंज में निजी नर्सिंग होम में लाए यहां चिकित्सकों ने चैकअप कर जेएएच जाने को बोला। वेद को वहां ले गए यहां चिकित्सकों ने उसे मृत बता दिया। पुलिस का कहना है बच्चे की मौत से परिजन बदहवास हो गए उन्होंने ने उसका शव लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में दफन कर दिया। उसके बाद आभास हुआ कि हादसे में होटल प्रबंधन की लापरवाही है तब पुलिस से शिकायत की।

मैनेजर बोला सब इंतजाम थे

प्रिंस मामा होटल में बना स्वीमिंग पूल अवैध बताया गया है। उधर होटल मैनेजर देवेन्द्र दलील दे रहा है। दिनेश के परिवार ने फोन पर बुकिंग की थी। उनके लिए सारे इंतजाम किए थे। परिवार के बड़े सदस्य बड़े पूल में और बच्चे छोटे पूल में नहा रहे थे। इन लोगों के निकलने का वक्त हुआ तब बच्चे के बारे में पूछा था। बच्चे को हर जगह तलाशा कहीं मिला तब पूल में झांका तो वहां पड़ा मिला।

बच्चे का दफन शव खोदा, पहला मामला

बुधवार को पुलिस ने लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में दफन वेद पाल का शव खोदकर उसका परीक्षण कराया है। जिले का यह पहला मामला जब किसी बच्चे का दफन शव परीक्षण के लिए खोदा गया है।

जांच में होगा खुलासा

होटल के स्वीमिंग पूल में डूबने से बच्चे की मौत हुई है। होटल में लडक़े के साथ परिवार के 18 सदस्य साथ गए थे। होटल स्टाफ का कहना है पूल पर सेफ्टी गार्ड था लेकिन पूल में महिलाएं भी नहा रहीं थी इसलिए गार्ड वहां से हटा दिया था। उस दौरान हादसा हो गया। होटल में लगे सीसीटीवी के फुटेज भी घटना की जांच की जा रही है। पूल की अनुमति की भी जांच की जा रही है। मृतक बच्चे के दफन शव को निकाल कर परीक्षण कराया गया है।
अन्नपूर्णा सिरसाम डीएसपी ग्रामीण

Published on:
13 May 2026 08:39 pm
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