Income Tax Returns: ग्वालियर रीजन में करदाताओं की संख्या 4.70 लाख से ज्यादा, अभी तक सिर्फ 35 फीसदी रिटर्न ही जमा
Income Tax Returns: आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाता अपना रिटर्न हर हाल में 31 जुलाई तक जमा कर दें। तय समय के बाद रिटर्न जमा करने पर 1000 से 5000 रुपए तक जुर्माना देना पड़ेगा। जुर्माना देने के बाद ही रिटर्न दाखिल होगा। केंद्रीय आयकर विभाग ने 31 मार्च 2024 को खत्म होने वाले वित्तीय साल के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने का समय तय कर दिया है। सही दस्तावेज और समय पर रिटर्न दाखिल करने से समय पर बकाया रिफंड यानी टीडीएस भी खाते में जमा हो जाएगा।
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों को 2.50 लाख रुपए तक किसी भी तरह का कोई रिटर्न दाखिल नहीं करना होता है। तय समय में रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले ऐसे करदाता जिनकी आय 5 लाख से कम है उन्हें 1000 और इससे ज्यादा की आय होने पर तय तारीख खत्म होने के बाद 5000 का जुर्माना लगेगा।
आयकर विभाग के ग्वालियर रीजन में ग्वालियर, टीकमगढ़, छतरपुर, गुना, अशोकनगर, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी व मुरैना के जिले आते हैं। ग्वालियर रीजन में करदाताओं की संख्या 4.70 लाख से अधिक की है, हालांकि अभी तक सिर्फ 35 फीसदी रिटर्न ही जमा हो सके हैं।
जानकारों के मुताबिक करदाता आयकर की गणना नई एवं पुरानी दोनों स्कीमों के तहत कर सकते हैं। जिस स्कीम में कम कर दायित्व आता हो, उसके तहत अपनी विवरणी दाखिल की जा सकती है। ऐसे करदाता जिनकी व्यापार से आय है, वह पुरानी स्कीम में एक बार अंदर जा सकते हैं एवं अंदर जाकर बाहर जा सकते हैं। एक्सपर्ट से सलाह लेकर अपनी स्कीम का चयन कर सकते हैं। पुरानी स्कीम लेने पर फॉर्म-10 आइइ भरना अनिवार्य कर दिया गया है।
सभी आवश्यक जानकारी एकत्र करने और पिछले वर्ष में किए गए खर्चों का रिकॉर्ड बनाए रखने का कार्य कठिन हो सकता है, जिस कारण व्यक्ति फाइलिंग की समय सीमा से चूक सकते हैं। नतीजतन, कई व्यक्तियों को आयकर अधिकारियों की किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई से बचने के लिए अपने टैक्स रिटर्न को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में आईटी डिपॉर्टमेंट ऐसे टैक्सपेयर्स को 31 दिसंबर से पहले बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका देती है।
जिन करदाताओं का ऑडिट नहीं होना है, उनके आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2024 है। समय रहते रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस नहीं देना पड़ेगी। रिटर्न जमा करने की तारीख बढऩे की संभावना काफी कम है। रिटर्न दाखिल करने के दौरान कई दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इनमें आधार कार्ड, पेन कार्ड, फॉर्म-16, सैलरी स्लिप, बैंक या डाकघर से मिलने वाला ब्याज प्रमाण-पत्र, कर बचत निवेश प्रमाण और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम रसीदें आदि शामिल हैं।
-पंकज शर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंट