ग्वालियर

ग्वालियर में तहसीलदार का रीडर 20 हजार घूस लेते रंगे हाथ दबोचा

गुरुवार दोपहर करीब दो बजे जितेन्द्र ने तहसीलदार ऑफिस में जाकर रीडर अनिल कुडवारिया को घूस की पहली किश्त का 20 हजार रुपया थमाकर इशारा कर दिया तो बाहर खड़ी टीम ने कुडवारिया को घूस की रकम के साथ उसकी कुर्सी पर दबोच लिया। कुडवारिया ने बचने के लिए भागने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा। घूसखोरी में कुडवारिया के अलावा और कौन शामिल है इसका भी पता लगाया जा रहा है। घूसखोरी में रीडर अनिल कुडवारिया पर धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधित अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज किया है।

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रिश्वत का खेल
तहसीलदार का रीडर 20 हजार घूस लेते रंगे हाथ दबोचा

ग्वालियर। प्लाट के नामातंरण के एवज में गोसपुरावृत के तहसीलदार रमाशंकर सिंह के रीडर अनिल कुडवारिया को इओडब्ल्यू की टीम ने 20 हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथ दबोचा है। रीडर ने फरियादी जितेन्द्र पांडेय को घूस की रकम लेकर कलक्ट्रेट में दफ्तर में बुलाया था। पैसों का लेनदेन होते ही इओडब्ल्यू की टीम नेे अनिल को उसकी कुर्सी पर ही पकड़ कर रिश्वत का पैसा बरामद किया है।

किलागेट निवासी जितेन्द्र पुत्र वासुदेव पांडेय ने बुधवार को इओडब्ल्यू पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी कि उन्होंने गोसपुरा में निर्माला गोस्वामी से 930 वर्ग फीट का प्लॉट खरीदा था। उसका नामातंरण करना है। इसलिए गोसपुरा वृत के तहसीलदार रमाशंकर सिंह के ऑफिस में आवेदन दिया है। उसके एवज में तहसीलदार का रीडर अनिल कुडवारिया 40 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है उसे पैसा नहीं दिया है तो करीब एक साल से काम भी नहीं हुआ है।


ट्रैप टीम तैयार, रिकार्डिंग कर दबोचा
जितेन्द्र की शिकायत पर निरीक्षक मदनमोहन मालवीय की अगुवाई में 11 सदस्यीय टीम तैयार कर जितेन्द्र को व्याइस रिकार्डिंग यूनिट थमाकर रीडर अनिल कुडवारिया से बात कराई। कुडवारिया ने बेहिचक कहा कि पहली किश्त 20 हजार रुपया लेकर गुरुवार को कलक्ट्रेट बिल्डिंग में तहसीलदार ऑफिस में आ जाओ, बाकी का 20 हजार रुपए काम होने के बाद देना। डील तय होने पर गुरुवार दोपहर को इओडब्ल्यू की टीम जितेन्द्र के साथ कलक्ट्रेट परिसर में पहुंच गई।

पैसा थमाया इशारा किया घूसखोर दबोचा
निरीक्षक एमएम मालवीय ने बताया गुरुवार दोपहर करीब दो बजे जितेन्द्र ने तहसीलदार ऑफिस में जाकर रीडर अनिल कुडवारिया को घूस की पहली किश्त का 20 हजार रुपया थमाकर इशारा कर दिया तो बाहर खड़ी टीम ने कुडवारिया को घूस की रकम के साथ उसकी कुर्सी पर दबोच लिया। कुडवारिया ने बचने के लिए भागने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा। घूसखोरी में कुडवारिया के अलावा और कौन शामिल है इसका भी पता लगाया जा रहा है। घूसखोरी में रीडर अनिल कुडवारिया पर धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधित अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज किया है।

फाइलें थी गायब, प्रकरण भी लंबित थे, इस आधार पर रोकी गई वेतनवृद्धि
ईओडब्ल्यू ने गोसपुरा के प्रवाचक अनिल कुडवारिया को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है, उसकी गड़बड़ी को अपर कलेक्टर ने भी पकड़ा था। अपर कलेक्टर की रिपोर्ट पर कलेक्ट ने एक वेतनवृद्धि भी रोकी है। दरअसल, 6 मई 2026 को अपर कलेक्टर द्वारा तहसील ग्वालियर के अंतर्गत न्यायालय राजस्व वृत्त लश्कर एवं गोसपुरा का औचक निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान आर.सी.एम.एस पोर्टल के रिकॉर्ड और कोर्ट में मौजूद फाइलों में भारी अंतर पाया गया। पोर्टल पर कुल 280 प्रकरण लंबित दिख रहे थे, लेकिन मौके पर न्यायालय में केवल 75 प्रकरण ही उपलब्ध मिले। शेष 205 प्रकरण गायब थे। यहां कुल 100 प्रकरण लंबित थे, जिनमें से न्यायालय में सिर्फ 37 प्रकरण ही मिले। बाकी 63 फाइलों का कोई अता-पता नहीं था। जब प्रवाचक अनिल कुडवारिया से इन लापता प्रकरणों के संबंध में पूछताछ की गई, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

पोर्टल पर नहीं चढ़ाई जानकारी, अव्यवस्थित मिलीं फाइलें
-निरीक्षण में यह भी सामने आया कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी ऑनलाइन पोर्टल को अपडेट नहीं किया जा रहा था। पोर्टल पर सभी प्रकरण 'पेशी से गिरे हुए' (आउटडेटेड) पाए गए। इसके अलावा लंबे समय से लंबित पड़े मामलों को पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं किया जा रहा था।

-नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े कई आवेदन आर.सी.एम.एस पोर्टल पर दर्ज किए बिना ही कचरे की तरह रखे मिले।
-जो फाइलें न्यायालय में मौजूद थीं, वे भी बेहद अव्यवस्थित थीं और उनमें ऑनलाइन फ्लाईशीट व ऑर्डरशीट तक गायब थीं।

Published on:
11 Jun 2026 09:23 pm