ग्वालियर

स्मार्ट दिखने व फिट बॉडी की चाह में जिंदगी दांव पर… डॉक्टर बोले लिवर-किडनी पर सीधा हमला

ग्वालियर. मोटा व्यक्ति पतला होना चाहता है तो कोई आकर्षक शरीर, उभरी मांसपेशियां बनाकर ज्यादा ताकत दिखना चाहता है। लेकिन ये चाहत कहीं जानलेवा साबित न हो जाए। क्योंकि शहर में कई झोलाछाप इस तरह के स्टेरॉयड्स, फूड सप्लीमेंट बेच रहे हैं। इसका खुलासा हाल ही में आयुष विभाग की तरफ से की गई झोलाछाप […]

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Feb 02, 2026
मोटा व्यक्ति पतला होना चाहता है तो कोई आकर्षक शरीर, उभरी मांसपेशियां बनाकर ज्यादा ताकत दिखना चाहता है।

ग्वालियर. मोटा व्यक्ति पतला होना चाहता है तो कोई आकर्षक शरीर, उभरी मांसपेशियां बनाकर ज्यादा ताकत दिखना चाहता है। लेकिन ये चाहत कहीं जानलेवा साबित न हो जाए। क्योंकि शहर में कई झोलाछाप इस तरह के स्टेरॉयड्स, फूड सप्लीमेंट बेच रहे हैं। इसका खुलासा हाल ही में आयुष विभाग की तरफ से की गई झोलाछाप की जांच में हुआ है। दो जगह से ऐसे सप्लीमेंट मिले हैं, जो लोगों को पतला करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय में उनका शरीर पर विपरीत असर भी देखने को मिल सकता था। जनता की सेहत से जुड़े इस मामले में पत्रिका ने पड़ताल की तो पता चला शहर में 200 से ज्यादा ऐसी दुकानें और कुछ फर्जी क्लीनिक हैं जिनमें इस तरह के फूड सप्लीमेंट आसानी से खपाए जा रहे थे। कुछ तो बीच शहर में संचालित हो रहे हैं, तो कुछ कार्रवाई के बाद चुपके से दुकानें बंद कर घर बैठ गए हैं। बाजार में आसानी से उपलब्ध ये सप्लीमेंट देखने में भले ही ब्रांडेड लगते हों, लेकिन उनकी गुणवत्ता और सामग्री संदेह के घेरे में है। चिकित्सकों के अनुसार इनमें हानिकारक रसायन, स्टेरॉयड और भारी धातुएं मिलाई जाती हैं, जो शरीर के भीतर धीरे-धीरे •ाहर की तरह असर करती हैं।

लिवर-किडनी पर सबसे घातक असर

डॉक्टरों का कहना है कि इन नकली सप्लीमेंट का सबसे गंभीर प्रभाव लिवर और किडनी पर पड़ता है। लंबे समय तक सेवन से लिवर सिरोसिस, किडनी फेलियर, हार्मोनल असंतुलन और हड्डियों की कमजोरी जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। कई मामलों में युवाओं को कम उम्र में ही गंभीर इलाज की जरूरत पड़ रही है।
-स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर सजग 20 से 30 वर्ष के युवा इस खतरे की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। सोशल मीडिया की भ्रामक जानकारी, जिम ट्रेनरों की सलाह और बिना लाइसेंस बिक रहे सप्लीमेंट समस्या को गंभीर बना रहे हैं।
-इन सप्लीमेंट के सेवन से शरीर कुछ समय में असामान्य रूप से फूलने लगता है। उपयोग बंद होते ही दुष्प्रभाव सामने आते हैं। हड्डियों और आंतरिक अंगों पर असर पड़ता है, जो आगे चलकर गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

ऐसे समझें नकली सप्लीमेंट का गणित

ग्वालियर में रोजाना करीब 150 ग्राम के 2 हजार डिब्बों की बिक्री
थोक में एक डिब्बा 130 रुपए, फुटकर में 265 रुपए एमआरपी
रोजा थोक में 2.60 लाख रुपए और फुटकर में 5.30 लाख का कारोबार

खून सप्लाई रोकता है
इन सप्लीमेंट के सेवन से शरीर में खून की सप्लाई प्रभावित होती है। इसका सबसे ज्यादा असर हड्डियों पर पड़ता है। कई मामलों में कूल्हे की हड्डी बदलने तक की नौबत आ जाती है। युवाओं को इससे हर हाल में बचना चाहिए।
डॉ. अभिलेख मिश्रा, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जीआरएमसी

सीधा हमला
इनका लंबे समय तक इस्तेमाल लिवर और किडनी को सीधे नुकसान पहुंचाता है। धीरे-धीरे यह एक तरह की लत बन जाती है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए।
डॉ. अजयपाल सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, जीआरएमसी

करोड़ों का है अवैध कारोबार
अधिकांश सप्लीमेंट वजन और मांसपेशियों की ग्रोथ बढ़ाने के नाम पर बेचे जा रहे हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह इनका सेवन बेहद खतरनाक है, क्योंकि इनमें ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचाते हैं। ग्वालियर में हर महीने करोड़ों रुपए का कारोबार हो रहा है।
विष्णु सिंघल, अध्यक्ष, ग्वालियर केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन

Updated on:
02 Feb 2026 06:14 pm
Published on:
02 Feb 2026 06:13 pm
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