ग्वालियर

घबराएं नहीं…इस दिन से शुरु हो जाएगी सिलेंडर की बुकिंग !

LPG shortage: शहर मे प्रतिदिन 400 से ज्यादा कमर्शियल सिलेंडर की खपत है। कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से घरेलू सिलेंडर पर दबाव आ गया है।
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Updated: 15 Mar 2026, 4:28 PM IST
Approval for PNG Gas Lines in MP Within 24 Hours
Approval for PNG Gas Lines in MP Within 24 Hours (Photo Source - Patrika)

LPG shortage: शहर में बीते दिन गैस सिलेंडर की घर बैठे (ऑनलाइन) बुकिंग नहीं हो सकी। इस कारण एजेंसियों पर लोगों की भीड़ रही। जो लोग एजेंसी पर पहुंचे, उनके एजेंसी के पोर्टल से नंबर लगाए गए। मैनुअल नंबर लगाए जाने की वजह से सिलेंडर की बुकिंग हो गई। करीब 7 हजार से ज्यादा लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जो कंट्रोल रूम बनाया था, उसमें करीब 700 फोन आए। सबकी एक ही समस्या सिलेंडर का नंबर बुक नहीं हो रहा है। घर पर गैस खत्म हो रही है।

आपूर्ति के लिए गाड़ियां भी रवाना

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निरीक्षकों ने शनिवार को गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। कतार में खड़े उपभोक्ताओं की समस्या सुनी। किसी ने सिलेंडर नहीं आने व किसी ने नंबर नहीं लगने की शिकायत की। एजेंसियों का स्टॉक देखा। एजेंसियों के पास जो बुकिंग थी, उसके अनुसार एजेंसी पर स्टॉक मिला। आपूर्ति के लिए गाड़ियां भी रवाना कराई गई। इसके अलावा एजेंसी पर रखे गए रजिस्टर की भी जांच की। कितने उपभोक्ता एजेंसी पर आए और उनके नंबर लगे या नहीं। कालाबाजारी को देखते हुए निरीक्षण किए गए। इसके अलावा कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग अगले पांच से सात दिन में शुरु हो जाएगी। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह कमर्शियल सिलेंडर का भी संकट खत्म हो सकता है।

कमर्शियल मांगा दबाव भी घरेलू पर आया

शहर मे प्रतिदिन 400 से ज्यादा कमर्शियल सिलेंडर की खपत है। कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से घरेलू सिलेंडर पर दबाव आ गया है। छोटेछोटे दुकानदार घरेलू सिलेंडर का उपयोग करने लगे हैं, जैसे कि चाय, चाट के ठेले व दुकानों पर घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा है।

गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। संकट नहीं है। एजेंसियों के पोर्टल से नंबर लगवाए गए हैं। इससे भीड़ कम होने लगी है। कमर्शियल सिलेंडर मिलना भी जल्द मिलना शुरू हो जाएगा। - अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक

तंदूर को बनाया चूल्हा

डीडी मॉल स्थित फूड कोर्ट के जनरल मैनेजर अमन अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां रोजाना करीब डेढ़ से दो कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती है। सामान्य तौर पर हर दस दिन में लगभग 15 सिलेंडर मंगाए जाते हैं, लेकिन पिछले छह दिनों से एक भी सिलेंडर नहीं मिला है। ऐसे में पुराने तंदूर को लकड़ी डालकर चूल्हे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। एक बार में 20-22 किलो लकड़ी डालने पर करीब 50 किलो ग्रेवी और 50 किलो सांभर तैयार किया जा सकता है। पिछले छह दिनों में करीब 200 किलो लकड़ी खर्च हो चुकी है। छोटे ऑर्डर के लिए सिगडिय़ां खरीदी गई हैं और सिंगल ऑर्डर के लिए पांच इंडक्शन भी लगाए गए हैं।

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15 Mar 2026, 4:28 PM IST
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