World Hand Hygiene Day: जीआरएमसी के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजय पाल के अनुसार, केवल टिशू पेपर से हाथ साफ करना पर्याप्त नहीं है। टिशू गंदगी तो हटा सकता है, लेकिन बैक्टीरिया नहीं हटाता है।
World Hand Hygiene Day: एक समय था जब घर से निकलते ही जेब में सेनिटाइजर रखना और थोड़ी- थोड़ी देर में हाथ साफ करना दिनचर्या का हिस्सा बन गया था। सार्वजनिक स्थानों पर सेनिटाइजर डिस्पेंसर आम नजर आते थे। घर में अंदर आते ही सबसे पहले हैंडवॉश, साबुन के साथ अच्छी तरह हाथ धोना सबसे पहला काम था। वह था कोरोना काल, जिस समय लोगों ने बहुत अधिक परेशानी झेली लेकिन हाथों को स्वच्छ रखने की आदत बहुत की सीख ली थी। कोरोना महामारी ने लोगों को हाथों की स्वच्छता का महत्व सिखाया, लेकिन अब आम जीवन की ओर जैसे ही दोबारा लौटे वैसे ही आदत भी ढीली पड़ती गई।
बाजारों, बस स्टैंड, स्ट्रीट फूड के ठेलों पर या किसी भी तरह के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में अब बहुत ही कम लोग हाथों को सफाई का ध्यान रखते नजर आते हैं। शहर के 50 से 60 प्रतिशत लोग समय बदलते ही आदत भी भूल गए। यह केवल एक बुरी आदत नहीं बल्कि स्वयं और दूसरों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। हाथ न धोंने से हम स्वयं बीमारियों को अपनी ओर बुलाते है।
जीआरएमसी के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजय पाल के अनुसार, केवल टिशू पेपर से हाथ साफ करना पर्याप्त नहीं है। टिशू गंदगी तो हटा सकता है, लेकिन बैक्टीरिया नहीं हटाता है। हाथों की हाइजीन को मेंनटेन करने के लिए साबुन-पानी या सेनिटाइजर का उपयोग जरूरी है। हाथ ठीक से साफ न करने पर बैक्टीरिया शरीर में जाकर संक्रमण फैला सकते हैं।
खराब हैंड हाइजीन के कारण डायरिया, उल्टी, पेट में कीड़े और टायफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। खासकर स्ट्रीट फूड के दौरान स्वच्छता का ध्यान न रखने से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
मोबाइल फोन, टीवी रिमोट, नोट जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं कई हाथों से गुजरती हैं और बैक्टीरिया का बड़ा स्रोत बन जाती हैं। इन्हें छूने के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बाद बिना हाथ धोए खाना खाने से
-बाहर से घर आने के बाद।
-खाने से पहले।
-खांसने-छींकने के बाद।
-कचरा छूने के बाद।
-पालतू जानवरों को छूने के बाद।
-सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के बाद।
-दोनों हाथों को अच्छे से रगड़े।
-उंगलियों और उनके बीच सफाई करें।
-हथेलियों को अच्छी तरह धोएं।
-नाखून और उंगलियों के बीच ध्यान दें।
-कलाई तक सफाई करें।