शहर में चिन्हित किए गए 94 जलभराव और सीवर समस्या वाले प्वाइंट्स को लेकर बाल भवन में हुई हाईलेवल समीक्षा बैठक
15 दिन का अल्टीमेटम, 17 मई को खुद मैदान में उतरेंगी महापौर
मानसून से पहले शहर को जलभराव और सीवर संकट से बचाने के लिए नगर निगम अब अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। शहर में चिन्हित किए गए 94 जलभराव और सीवर समस्या वाले प्वाइंट्स को लेकर बाल भवन में हुई हाईलेवल समीक्षा बैठक में निगमायुक्त संघप्रिय ने अफसरों को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर तत्काल काम शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बारिश के दौरान यदि किसी भी क्षेत्र में पानी भरा मिला तो संबंधित इंजीनियर सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में चारों विधानसभा क्षेत्रों की अलग-अलग समीक्षा की गई। महापौर ने अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 17 मई को वे खुद मैदान में उतरकर नाला और सीवर सफाई कार्यों का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद दोबारा समीक्षा बैठक होगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई तय मानी जाए।
नालों की सफाई से लेकर अतिक्रमण हटाने तक मांगा पूरा रोडमैप
निगमायुक्त संघप्रिय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी नालों और सीवर लाइनों की बारिश से पहले तली झाड़ सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विधानसभा वार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें कि किस नाले की सफाई मशीन से होगी और कौन-सा नाला मैन्युअल तरीके से साफ होगा, इसका पूरा ब्यौरा मांगा गया है। साथ ही जिन नालों पर अतिक्रमण है, उनकी सूची बनाकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने सभी अपर आयुक्तों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा। शहर में जिन 94 स्थानों पर हर साल जलभराव और सीवर उफान की सबसे ज्यादा समस्या सामने आती है, वहां विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक ने फोन पर पकड़ी अफसरों की पोल, पार्षदों ने कहा काम हुआ ही नहीं
पूर्व विधानसभा की समीक्षा के दौरान विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने अधिकारियों के दावों की सच्चाई सीधे पार्षदों से फोन पर पूछी। कई पार्षदों ने साफ कहा कि जिन कार्यों की जानकारी बैठक में दी जा रही है, वे धरातल पर हुए ही नहीं हैं। इस पर विधायक ने अधिकारियों से कहा कि रोजाना वार्डों में भ्रमण करें और समाधान करें। साथ ही वार्ड 18 और 19 को सबसे ज्यादा संवेदनशील बताते हुए वहां विशेष व्यवस्था करने और हर जोन में 10 अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश आयुक्त को दिए।
ग्रामीण क्षेत्र के डेंजर जोन पर विशेष नजर
ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान विधायक साहब सिंह गुर्जर ने हबीबपुर, जारगा अकबरपुर और शंकरपुर जैसे क्षेत्रों में हर साल होने वाले जलभराव पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान पानी भरा मिला तो संबंधित इंजीनियर जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे।
बैठक में खुली भाजपा की अंदरूनी फूट,पांच पार्षद पहुंचे
शहर के विकास और जलभराव जैसे गंभीर मुद्दों के बीच भाजपा की अंदरूनी राजनीति भी खुलकर सामने आ गई। सूत्रों के अनुसार भाजपा पार्षदों को बैठक में शामिल नहीं होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वार्ड 02, 12, 15, 16 और 64 के पार्षद शहरहित का हवाला देते हुए बैठक में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी महापौर द्वारा बुलाई गई बैठक को लेकर इसी तरह का विवाद सामने आया था। उस समय कुछ पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे थे, लेकिन बाद में अन्य पार्षदों के शामिल होने से पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ गई थी।