
ग्वालियर। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने आमजन को पर्यावरण और जल संरक्षण का संदेश देने के लिए डकैती के एक आरोपी को घर में वाटर हार्वेस्टिंग कराने की शर्त पर अग्रिम जमानत देने के आदेश दिए हैं। मामला शिवपुरी का होने से उच्च न्यायालय ने वहां गिरते जलस्तर पर चिंता जताते हुए नगर पालिका शिवपुरी व संबंधित विभाग को आरोपी के घर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने में सहयोग करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे पहले भी न्यायमूर्ति पाठक ने लोगों को जागरूक करने के लिए कई मामलों में पौधरोपण करने और अस्पतालों में सेवा कार्य करने की शर्त पर जमानत का लाभ दिया है।
आरोपी आशीष उर्फ आशी कर्मावत की ओर से उच्च न्यायलय में प्रस्तुत आवेदन में सामाजिक कार्य करने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा गया कि वह पर्यावरण या जल संरक्षण के लिए कुछ कार्य करना चाहता है। आवेदन में बताया गया कि कोतवाली थाना शिवपुरी में लूट एवं डकैती के मामले में दर्ज अपराध में पुलिस उसे गिरफ्तार करना चाहती है, जबकि इस मामले में जो एफआईआर दर्ज की गई है उसमें उसका नाम नहीं है। शिकायतकर्ता ने मुख्य आरोपी की भी पहचान नहीं की है। आरोपी ने कहा कि वह पुलिस को सहयोग के लिए तैयार है। वह 18 साल का युवक है, यदि उसे गिरफ्तार किया जाता है तो इससे उसका भविष्य खराब हो सकता है। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता अर्जुन परिहार ने शासन का पक्ष रखा।
जलस्तर गिरना अच्छे लक्षण नहीं
न्यायालय ने आदेश में कहा कि शिवपुरी जिले में दिन-प्रतिदिन भूजल स्तर घटता रहा है। इस कारण यह क्षेत्र पानी रहित होता जा रहा है, जो अच्छे लक्षण नहीं हैं। न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार का यह आदेश आवेदक की इच्छा को देखते हुए इसलिए दिया जा रहा है जिससे पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा हो। आदेश की प्रति जिला न्यायाधीश, कलेक्टर शिवपुरी को भी भेजे जाने के आदेश दिए हैं।
फोटो सहित पेश करनी होगी रिपोर्ट
न्यायालय ने आरोपी को अपने निवास पर दो माह में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने इसके लिए यदि आवश्यक हो तो संबंधित विभागों से आरोपी को अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं। आरोपी को इसे मेंटेन भी करना होगा। उसे सिस्टम स्थापित करने के फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करनी होगी।