ग्वालियर

मम्मी-पापा के साथ नहीं जाऊंगी… MP HC पहुंची लापता किशोरी पर कोर्ट को संदेह सच छिपा रही नाबालिग

MP High Court: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चौंकाने वाला मामला, भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग की बरामदगी को लेकर कोर्ट में थी याचिका, हाईकोर्ट के मुख्य दरवाजे पर खड़ी मिली, माता-पिता के साथ जाने से किया था इनकार, वन स्टॉपर सेंटर भिंड भेजा, मामले में सुनवाई थोड़ी देर में
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MP High Court gwalior
MP High Court gwalior:

MP High Court missing minor girl: हाईकोर्ट की डबल बेंच में एक बेहद चौंकाने वाला मामला देखने को मिला। भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र से लापता एक नाबालिग लड़की, जिसकी बरामदगी के लिए कोर्ट में याचिका लगी थी, वह अचानक हाईकोर्ट के मुख्य गेट के बाहर खड़ी मिल गई। खास बात यह रही कि सुबह जब एमपी हाईकोर्ट ग्वालियर ने मामले की सुनवाई की तो पुलिस को उसके ठिकाने की कोई खबर नहीं थी, लेकिन इसके ठीक डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने उसे कोर्ट रूम में पेश कर दिया।

किशोरी ने माता-पिता के साथ जाने किया इनकार

जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच के सामने जब नाबालिग को पेश किया गया, तो उसने बेहद अड़ियल और अहंकारी रवैया (MP High Court Hearing) अपनाया। किशोरी ने माता-पिता के साथ जाने से साफ इनकार करते हुए कहा, उसे चाहे जेल भेज दिया जाए, लेकिन वह घर नहीं जाएगी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और लड़की के नाबालिग होने के कारण उसे सुरक्षा की दृष्टि से 'वन स्टॉप सेंटर', भिंड भेजने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट में किशोरी ने बताया घर छोड़ने को कहते थे माता-पिता

कोर्ट रूम में जब जजों ने लड़की से पूछताछ (MP High Court Judge Asking Quetion) की तो उसने बेहद अहंकार के साथ स्वीकार किया कि वह नाबालिग है और अगस्त 2026 में 17 वर्ष की हो जाएगी (दस्तावेजों के अनुसार जन्मतिथि 5 अगस्त 2009 है)। उसने दावा किया कि माता-पिता उसे प्रताड़ित करते थे और घर छोड़ने को कहते थे, इसलिए वह गुस्से में घर से भाग गई थी। लड़की ने कहानी सुनाते हुए कहा, उसके पास मोबाइल नहीं था और वह अकेले ही मथुरा और कश्मीर घूमती रही और सड़कों पर दिन-रात गुजारे।

कोर्ट ने पूछा पैसे कहां से आए?

जब कोर्ट ने पूछा, वह किस ट्रेन से गई और पैसे कहां से आए, तो वह ट्रेनों के नाम छिपाने लगी और कहा कि उसके पास पर्याप्त पैसे थे। अदालत ने हैरानी जताते हुए कहा, यदि लड़की के पास मोबाइल नहीं था, तो उसे यह कैसे पता चला कि आज हाईकोर्ट में उसके केस की सुनवाई है? वह खुद चलकर ग्वालियर हाईकोर्ट क्यों आई? लड़की इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे पाई। कोर्ट ने माना कि किशोरी जान-बूझकर कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपा रही है और झूठी कहानी गढ़ रही है।

संदेही रामू के संपर्क में थी लड़की, पुलिस करेगी जांच

एसआइ ने कोर्ट को बताया, जब संदेही आरोपी रामू के दोस्तों से पूछताछ की गई तो पता चला कि लड़की मर्जी से ग्वालियर आई थी और उसे केस की लिस्टिंग की पूरी जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, घर से भागने से पहले और भागने वाले दिन भी लड़की ने रामू से कई बार फोन पर बात की थी। प्रथम ²ष्टया यह मामला रामू के साथ भागने का लग रहा है। फिलहाल आरोपी रामू फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

Updated on:
07 Jul 2026 02:00 pm
Published on:
07 Jul 2026 12:06 pm