आतंकी हमलों और आपात स्थिति से कैसे निपटा जाता है। एनएसजी की कमांडो टीम ने बुधवार को ग्वालियर में मॉक ड्रिल के जरिए पुलिस , प्रशासन और आपात सेवाओं की एजेसियों को बताया। एनएसजी की 140 कमांडो की टीम मंगलवार, बुधवार रात कर्नल की अगुवाई में ग्वालियर आई है। मॉक ड्रिल से पहले टीम ने […]
आतंकी हमलों और आपात स्थिति से कैसे निपटा जाता है। एनएसजी की कमांडो टीम ने बुधवार को ग्वालियर में मॉक ड्रिल के जरिए पुलिस , प्रशासन और आपात सेवाओं की एजेसियों को बताया। एनएसजी की 140 कमांडो की टीम मंगलवार, बुधवार रात कर्नल की अगुवाई में ग्वालियर आई है। मॉक ड्रिल से पहले टीम ने कलक्ट्रेट में प्रशासन, पुलिस, चिकित्सकों, फायर अमले और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक की इन्हें बताया कि अगर शहर में आतंकी हमला होता है तो सबसे पहले सामना लोकल पुलिस को करती है। आतंकी उसके काबू में नहीं आते हैं तो एंट्री टैरर स्कावॉड मुकाबला करता है। दोनों एजेंसी पर आतंकी भारी होते है तब एनएसजी को बुलाया जाता है। एनएसजी को ऐसे संसाधन मुहैया कराए गए हैं कि पूरे देश में किसी भी जगह 2 घंटे में पहुंच कर ऑपरेशन शुरु सकती है।
बैठक के बाद आतंकी हमले का रियल सीन क्रिएट किया गया। इसमें एनएसजी टीम का एक ग्रुप आतंकी की भूमिका में रखा गया दूसरे पार्ट उनसे मुकाबले के लिए रहा। मॉक ड्रिल शाम 7.15 बजे शुरु हुई। सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रुम को खबर मिली कि अटल सभागार में बडे राजनेता कार्यक्रम चल रहा था उस दौरान सभागार में आतंकी घुसे हैं और वीआइपी सहित सभागार में मौजूद लोगों को बंधक बना लिया है। आतंकियों ने कुछ लोगों को गोली भी मारी है लेकिन घायलों को बाहर नहीं आने दे रहे हैं।
इनपुट पर विश्वविद्यालय सर्किल की पुलिस अटल सभागार पहुंची उसके बाद भारी तादात में फोर्स ने सभागार को घेर लिया। लेकिन पुलिस की टीम आतंकियों से मुकाबला नहीं कर पाई। हालात को भांपकर कांउटर टैररस्टि ग्रुप की टीम पहुंची उसके कुछ जवान मुकाबले में जख्मी हो गए तब खतरा भांपकर प्रशासन ने एनएसजी को बुलाया। सभागार में दाखिल होने से पहले मनोचिकित्सकों की टीम को आतंकियों से बात करने के लिए भेजा गया। सभागार में घुसे आतंकी ने बंधकों को रिहा करने के एवज में कुछ शर्तें रखीं उन्हें पूरा हुए बिना वीआइपी और बंधकों को रिहा करने के लिए राजी नहीं थे। तब एनएसजी की टीम सभागार में दाखिल हुई। करीब 4 घंटे ऑपरेशन में टीम ने आतंकियों को ढेर कर वीआइपी सहित बंधकों को रिहा कराया।
अटल सभागार में ऑपरेशन पूरा होने के साथ खबर मिली कि स्टेशन बजरिया पर मॉल में भी आंतकियों का एक दस्ता घुसा है। अटल सभागार से एनएसजी की टीम ने मॉल पर आकर मोर्चा संभाला इस दौरान बजरिया के बाजार की स्ट्रीट लाइट सहित दुकानों के बाहर लगे बल्व और होर्डिंग बंद कराए। रास्ते पर लोगों की आवाजाही बंद की। उसके बाद ऑपरेशन शुरु किया।
शहर में आतंकी हमले पर आतंकवादियों से पहला मुकाबला पुलिस का होगा। पुलिस सबसे पहले उस इलाके को घेरेगी जहां आतंकी घुसे हैं। वहां लोगों की आवाजाही बंद करेगी। अगर हमले में विस्फोट और गोली बारुद का इस्तेमाल हुआ है घायलों की मदद के लिए मेडिकल टीम, फायर बिग्रेड और बिजली दस्ता भी मौके पर पहुंचेगा। पुलिस आतंकियों को काबू नहीं कर पाएगी तो एटीएस की टीम उनसे मुकाबला करेगी। एनएसजी को बुलाने से पहले प्रशासन और पुलिस उस इलाके का ब्लू प्रिंट तैयार करेगी।