ग्वालियर

Breaking : जातिगत टिप्पणी करने पर भाजपा के दिग्गज मंत्री पर मामला दर्ज,चुनाव में होगी मुश्किल

Breaking : जातिगत टिप्पणी करने पर भाजपा के दिग्गज मंत्री पर मामला दर्ज,चुनाव में होगी मुश्किल
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Updated: 31 Oct 2018, 1:33 PM IST
bjp
Breaking : जातिगत टिप्पणी करने पर भाजपा के दिग्गज मंत्री पर मामला दर्ज,चुनाव में होगी मुश्किल

ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने के लिए कमर कस ली है। मगर चुनाव से पहले ही मध्य प्रदेश में एंटी इनकंबेंसी का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक और झटका लगा है। दरअसरल मप्र शासन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री व मुरैना विधायक रुस्तम सिंह के विरुद्ध नूराबाद थाना पुलिस ने चुनाव आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बर्रेंडा में २६ अक्टूबर को एक चौपाल सभा में जातिगत भाषण दिया था। पत्रिका ने २९ अक्टूबर के अंक में ही ‘हमारे खिलाफ मामला होने का मतलब ब्राह्मण को एमएलए बनाना है : रुस्तम सिंह’ शीर्षक से यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद कलेक्टर के प्रतिवेदन पर नूराबाद थाना पुलिस ने आरपी एक्ट की धारा 123(3ए), तथा 153 (ए) आईपीसी के तहत किया मामला दर्ज किया है।

एसपी अमित सांघी के अनुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भरत यादव ने प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज कर लिया है। रुस्तम सिंह का वायरल हुआ वीडियो 5.38 मिनट का है और इसमें अन्य कई आपत्तिजनक बातें भी हैं।

ये है मामला
स्वास्थ्य मंत्री का बीते रोज बरेंडा गांव में जातिवादी भाषण देने का वीडियो सामने आने के कारण सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने गांव में कहा है कि हमारे विपरीत मामला होने का मतलब है ब्राह्मण को एमएलए बनाना। इससे पहले फेसबुक पर जातिवादी पोस्ट डाली थी जिससे बहस छिड़ गई थी। गुर्जर बाहुल्य गांव बरेंडा में स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने कहा कि मेरे दिल में जो बात आती है उसे कहता हूं, समाज के साथ छलावा किया जा रहा है, जब देखो तब समाज का उपयोग किया जाता है।

गुर्जर समाज अकेला ऐसा मर्द है, पानी बह रहा है तो उसके खिलाफ तैरेंगे, मतलब यह है कि वह नहीं सुनेगा किसी मंत्री-संत्री की, वे तो उल्टे ही तैरेंगे, बड़े शेर हैं मोड़े। किसी के छलावा में नहीं आना है। हमारे विपरीत मामला होने का मतलब ब्राम्हण को एमएलए बनाना है। मैं आपको बता रहा था पहले एक गलती हो चुकी है। इससे पूर्व रुस्तम सिंह व उनके लडक़े राकेश सिंह के फोटो लगे हुए एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है और अब ये वीडियो और आ गया है।

मैंने ऐसा नहीं कहा
"मैंने ऐसा कभी नहीं कहा। मैंने आगे-पीछे क्या बोला यह किसी ने जानने का प्रयास नहीं किया। वर्ष २०१३ में मुझे सभी समाजों का वोट मिला।"
रुस्तम सिंह, स्वास्थ्य मंत्री

"रुस्तम सिंह समाज को गुमराह करके वोट बटोरना चाहते हंै। मंत्रीकाल में इन्होंने समाज के लिए ऐसा कुछ भी नहीं किया जो समाज इनकी बात माने।"
राकेश मावई, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

Updated on:
31 Oct 2018, 1:33 PM IST
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