
mp electricity bill dues: ग्वालियर चंबल अंचल में बिजली कंपनी के उपभोक्ताओं पर 7209 करोड़ रुपए बकाया है, जो घरेलू और एचटी उपभोक्ताओं से मिलकर बना है। सबसे ज्यादा बकाया राशि वाला जिला भिण्ड है। बिजली कंपनी इस राशि की वसूली के लिए लगातार अभियान चला रही है, लेकिन आशा के अनुरुप परिणाम नहीं मिल रहे। कंपनी के एमडी क्षितिज सिंघल लगातार वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं, लेकिन बकाया का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।
बिजली कंपनी के सीई विनोद कटारे ने बताया कि बड़े बकायादारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इसके लिए जेई-एई की टीम बनाई गई है. जो लगातार कार्रवाई कर कर रही है। जिन बकायादार उपभाक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, उन पर नजर रखने के लिए रात 3 से सुबह 4 बजे तक निगरानी टीम बनाई है। टीम ऐसे उपभोक्ताओं पर नजर रखती है जिनके कनेक्शन काटे गए वे रात में कनेक्शन जोड़ कर बिजली का उपयोग न कर लें। बकाया को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं, एक-दो महीने में इसके परिणाम सामने आएंगे।
बिजली कंपनी ने बकाया वसूली के लिए कई अभियान चलाकर वसूली का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश की, लेकिन आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिल सकी। बिजली कंपनी ने बड़े बकायादार जिनके पास बंदूक लाइसेंस थे, उनके लाइसेंस निरस्त करने का अभियान चलाया, लेकिन गिनती के ही लाइसेंस निरस्त हो सके।
सरकार ने पहले चरण में प्रदेश के छह महानगरों में एक-एक (कुल छह) विशेष विद्युत पुलिस थाने स्थापित किए जाने की घोषणा की थी, ये पुलिस थाने चेकिंग अभियान के दौरान चेकिंग दस्तों को सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे। औचक निरीक्षण करेंगे और केस डायरी भी तैयार करेंगे।
विद्युत अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेंगे और अदालती कार्रवाई का अवलोकन भी करेंगे ताकि डिस्कॉम की सम्पत्ति की सुरक्षा और बकाया राशि की वसूली के लिए बकाया वसूली अधिनियम के तहत कार्रवाई करेंगे, लेकिन ग्वालियर में बिजली थाना खोलने के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले।