
Silver Photo: Patrika
ग्वालियर. सदियों से घरों की शोभा और परंपरा का प्रतीक रही चांदी अब पूरी तरह नए अवतार में सामने आ गई है। साल 2025 में चांदी ने ऐसा उछाल दिखाया कि उसने सोने को भी पीछे छोड़ते हुए निवेशकों की पहली पसंद का रूप ले लिया। एक ही साल में चांदी करीब तीन गुना महंगी हो गई और इसके दामों में 1,63,500 रुपए प्रति किलो की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
साल 2025 निवेश के इतिहास में बड़े उलटफेर के रूप में दर्ज हुआ। सेंसेक्स ने दिया 8.4% रिटर्न, निफ्टी 9.7% पर रहा, सोने ने करीब 80% रिटर्न दिया, चांदी ने 174% तक का ऐतिहासिक रिटर्न दिया, चांदी 2025 की सबसे बड़ी सुपरस्टार एसेट बनकर उभरी।
नए साल की शुरुआत भी चांदी के लिए चौंकाने वाली रही। जनवरी 2026 के अब तक 24 दिनों में ही चांदी 92,500 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। कीमतों में इस अप्रत्याशित तेजी ने जहां निवेशकों को बंपर मुनाफा दिया है, वहीं सराफा बाजार में चिंता का माहौल भी बना दिया है। कारोबारियों का कहना है कि इतनी तेज बढ़ोतरी से आम ग्राहकों की पहुंच से चांदी दूर होती जा रही है।
2025 में भावों का सफर: मई में नरमी, दिसंबर में विस्फोट
(भाव प्रति किलो, जीएसटी अतिरिक्त)
जनवरी 88,500 , फरवरी 94,500 , मार्च 95,000 , अप्रैल 1,01,500 , मई 96,500 , जून 98,500 , जुलाई 1,07,000 , अगस्त 1,11,000 , सितंबर 1,23,500 , अक्टूबर 1,48,000 , नवंबर 1,54,000 , 1 दिसंबर 1,77,000 , 27 दिसंबर 2,52,000
मई में जहां चांदी करीब 5 हजार रुपए सस्ती हुई थी, वहीं दिसंबर आते-आते इसमें करीब 75 हजार रुपए से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।
सहालग ने बढ़ाई कीमतों की रफ्तार
जून-जुलाई के सहालग में चांदी 1 लाख रु. किलो के पार, दीपावली तक 49 हजार रु. की तेजी, भाव 1.48 लाख
। देवउठनी एकादशी से सहालग शुरू होते ही 1.50 लाख रु. किलो, फरवरी से फिर सहालग, महंगाई बने रहने की आशंका।
इतिहास चेतावनी भी देता है
तेजी के बाद गिरावट का इतिहास भी रहा है। 2011 में चांदी 76 हजार रु. किलो तक पहुंची, 2015 में 57% गिरकर 33 हजार रु. किलो रह गई, 2019 तक भाव 40 हजार के आसपास रहे, अक्टूबर 2025 में भी 13% की गिरावट आई
क्यों बढ़ रहे हैं दाम
वैश्विक युद्ध जैसे हालात, औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी, चांदी की सीमित उपलब्धता, सोना महंगा होने से चांदी के आभूषणों की बढ़ती मांग, चीन की बड़ी खरीद और अमेरिकी कंपनियों द्वारा भारी स्टॉकिंग इसके प्रमुख कारण हैं।
90% गिरा गहनों का कारोबार
एक्सपर्ट::
सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन के अनुसार, पहले महीने में 1000 किलो से ज्यादा चांदी बिकती थी, अब 200 किलो भी मुश्किल से बिक रही है। गहनों का कारोबार करीब 90 फीसदी घट चुका है। अब चांदी भी सोने जैसी हो गई है।
Updated on:
25 Jan 2026 07:35 pm
Published on:
25 Jan 2026 07:35 pm
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