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भविष्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन विश्लेषण का केंद्र बनेगा एआई: अशोक कुमार

सेतु-2026 को भारतीय खेल शिक्षा के लिए मील का पत्थर

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एलएनआईपीई में सेतु-2026 का समापन

सेतु कार्यक्रम में उपस्थित एक्सपर्ट।

ग्वालियर. लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव स्पोर्ट्स इकोसिस्टम एंड ट्रेनिंग अपग्रेडेशन (सेतु-2026) का शनिवार को समापन हुआ। कॉन्क्लेव में खेल शिक्षा, खेल विज्ञान, कोचिंग और आधुनिक तकनीक के भविष्य को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।

विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) खिलाड़ियों के प्रदर्शन विश्लेषण का केंद्र बिंदु बनेगा और प्रशिक्षण पद्धतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

एआई से बदलेगा खिलाड़ियों का प्रशिक्षण मॉडल

पैनल डिस्कशन के दौरान विशेषज्ञ अशोक कुमार ने कहा कि एआई आधारित टूल्स के माध्यम से खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस स्तर और तकनीकी दक्षता का सूक्ष्म विश्लेषण संभव होगा। इससे कोच खिलाड़ियों की कमजोरियों और क्षमताओं की सटीक पहचान कर सकेंगे और प्रशिक्षण को ज्यादा प्रभावी बना सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भविष्य में कोचिंग केवल अनुभव आधारित नहीं, बल्कि डेटा और तकनीक आधारित होगी।

खेल विज्ञान और शिक्षा के समन्वय पर जोर

कॉन्क्लेव में खेल विज्ञान, कोचिंग और अकादमिक शिक्षा को एकीकृत करने पर विशेष चर्चा हुई।

  • डॉ. जी. एल. खन्ना ने खेल को राष्ट्र निर्माण का अहम घटक बताया।
  • वजीर सिंह फोगाट ने खेल को को-करिकुलर गतिविधि के रूप में मान्यता देने की जरूरत पर जोर दिया।
  • डॉ. सुनील दाबास ने अवैध सप्लीमेंट्स से होने वाले नुकसान और वैज्ञानिक जागरूकता की आवश्यकता बताई।
  • सिबानंदा मिश्रा ने खेल विज्ञान को कोचिंग शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बनाने की बात कही।
  • प्रो. अनिल रामचंद्रन ने कोचों और प्रशिक्षकों के निरंतर अप-स्किलिंग की जरूरत जताई।
  • प्रो. विशन सिंह राठौर ने वैज्ञानिक आधार पर संरचित कोचिंग सिस्टम विकसित करने पर बल दिया।

तकनीक और नवाचार से बनेगा स्पोर्टिंग नेशन

पैनल डिस्कशन में तकनीक और नवाचार की भूमिका को अहम बताया गया।

  • लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश ने इंजीनियरिंग आधारित कौशल और पारंपरिक प्रशिक्षण तकनीकों के संयोजन को जरूरी बताया।
  • गौतम सिंह वीरडी ने एआई आधारित डेटा-ड्रिवन एप्रोच को आधुनिक प्रशिक्षण के लिए अनिवार्य बताया।
  • दिनेश बेहरा ने कहा कि एआई सक्षम उपकरण प्रदर्शन मापने और सुधारने में प्रभावी साबित हो रहे हैं।
  • प्रो. संदीप तिवारी ने वीडियो एनालिसिस को आधुनिक खेल प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बताया।

भारतीय खेल शिक्षा के लिए मील का पत्थर: कुलपति

समापन समारोह की मुख्य अतिथि एलएनआईपीई की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा ने सेतु-2026 को भारतीय खेल शिक्षा के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि खेल विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के समन्वय से ही भारत वैश्विक खेल मंच पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।

उन्होंने जानकारी दी कि भविष्य में छोटे-छोटे पैनल गठित किए जाएंगे, जिनमें डीएसओ, स्कूल स्पोर्ट्स शिक्षक और अन्य खेल से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे, ताकि जमीनी स्तर पर खेल विकास को गति दी जा सके।

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