
Gold prices shocking figures in mp (फोटो- Patrika.com)
Gold prices today: सोने की कीमते आसमान छू रही है। ऐसे में ग्राहक अपनी कमाई का एक-एक कतरा शुद्धता की उम्मीद में झोंक रहा है, लेकिन प्रदेश के सराफा बाजार के आंकडे डरा रहे हैं। प्रदेश में काम कर रहे 45,000 से अधिक ज्वेलर्स में से महज 6,627 ने ही हॉलमार्क रजिस्ट्रेशन कराए हैं। 38 हजार से ज्यादा ज्वेलर्स पुराने दरें पर जुबान के भरोसे ही सोना बेच रहे हैं। 16 जून 2021 से हॉलमार्किंग अनिवार्य हुई। 5 साल बीतने को है, लेकिन प्रदेश के 85% ज्वेलर्स ने इसे अपनाया ही नहीं। देश भर में 1.97 लाख ज्वेलर्स ने हॉलमार्क पंजीयन कराए हैं। (MP News)
हॉलमार्किंग सेंटर्स की कमी नहीं है, प्रदेश में 43 सेंटर मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। लेकिन ज्वेलर्स के शोरूम तक सरकारी मुहर नहीं पहुंच पा रही है।
इंदौरः प्रदेश की व्यापारिक राजधानी में महज 910. ज्वेलर्स रजिस्टर्ड हैं।
भोपालः राजधानी में सिर्फ 636 के पास ही लाइसेंस।
ग्वालियरःयहां हाल बेहाल महज 349 ज्वेलर्स ने ही हॉलमार्क अपनाया।
जबलपुरः यहां 484 ज्वेलर्स ही नियमों के पाबंद।
हॉलमार्किंग का मतलब है कि हर गहने का हिसाब बीजइएस पोर्टल पर होगा। कच्ची बिलिंग बंद हो जाएगी। टैक्स पूरा देना होगा।
पुनर्विक्रय मूल्य- भिना हॉलमार्क वाले पुराने जेवर बेचने पर ज्वेलर अशुद्धता के नाम पर 20% तक कटौती करता है।
धोखाधड़ी का जोखिम- बिना हॉलमार्क ग्राहक नहीं जान पाता कि जेवर 24 या 22 कैरेट का है।
लोन में दिक्कत- सोने के जेवरातों को गिरवी रखकर लोन लेने पर बैंक या कंपनी कम मूल्याकंन करती है। लोन कम देती है।
14 जिलों में सराफा कारोबारियों को हॉलमार्क अनिवार्य हो चुके है। सराफा कारोबारियों को हॉलमार्क लाइसेंस लेना चाहिए। हालाकि धीरे-धीरे यह आंकड़ा बढ़ रहा है। -अभिषेक गोयल, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर मप्र, इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (MP News)
Updated on:
15 Mar 2026 09:43 am
Published on:
15 Mar 2026 09:43 am
