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सबको रूलाएगा हॉस्टल का ‘रूम नंबर-82’, ग्वालियर में 2 दोस्त बनने वाले थे डॉक्टर, हो गई अनहोनी

Medical students drown: इस दर्दनाक हादसे ने पूरे मेडिकल कॉलेज को झकझोर दिया है। जिन छह दोस्तों ने कुछ देर पहले तक उनके साथ हंसी-मजाक किया था, वे अब गहरे सदमे में हैं।

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Medical students drown: GRMC के दो मेडिकल छात्र डूबे (Photo Source - Patrika)

Medical students drown: GRMC के दो मेडिकल छात्र डूबे (Photo Source - Patrika)

Tighra Dam Accident: एमपी में ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज के रविशंकर हॉस्टल का रूम नंबर-82 अब पहले जैसा नहीं रहेगा। जिस कमरे में देर रात तक पढ़ाई होती थी, भविष्य की योजनाएं बनती थीं और दोस्तों की हंसी गूंजती थी, वहां अब सिर्फ सन्नाटा है। एमबीबीएस के छात्र गोपाल अग्रवाल और आयुष श्रीवास्तव, जो एक ही कमरे में रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे थे, शनिवार को तिघरा जलाशय में हुए हादसे में हमेशा के लिए बिछड़ गए।

दोनों दोस्तों को घूमने-फिरने का बेहद शौक था। हॉस्टल के साथी बताते है कि लगभग हर वीकेंड वे दोस्तों के साथ ग्वालियर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर निकल जाते थे। शनिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। रविवार की छुट्टी से पहले आठ दोस्तों का समूह बाइक से तिघरा बांध पहुंचा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

कुछ ही पलों में सब खत्म

शाम करीब पांच बजे रविशंकर हॉस्टल के चार छात्र और गंगा हॉस्टल की चार छात्राएं तिघरा पहुंचे थे। सभी दोस्त जलाशय के किनारे पिकनिक का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान गोपाल और आयुष नहाने के लिए पानी की ओर चले गए। कुछ ही पलों में दोनों गहरे पानी की चपेट में आ गए और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए। जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे तो दोस्तों ने तलाश शुरू की। किनारे पर उनके जूते मिले तो अनहोनी की आशंका गहरा गई।

रूम नंबर-82 की दीवारों पर लिखे हैं सपने

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे मेडिकल कॉलेज को झकझोर दिया है। जिन छह दोस्तों ने कुछ देर पहले तक उनके साथ हंसी-मजाक किया था, वे अब गहरे सदमे में हैं। वहीं हॉस्टल का रूम नंबर-82, जहां दो युवा डॉक्टरों के सपने आकार ले रहे थे, अब उनकी यादों और अधूरे सपनों का मूक गवाह बनकर रह गया है। दोस्तों ने बताया कि सभी बोट क्लब से करीब तीन किलोमीटर दूर कच्ची पार स्थित क्षेत्र में पिकनिक मना रहे थे। इसी दौरान गोपाल अग्रवाल (निवासी बीना) और आयुष श्रीवास्तव (निवासी बिहार) नहाने के लिए डैम की ओर चले गए। बताया जा रहा है कि नहाते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरे पानी में चले गए।

काफी देर तक दोनों छात्रों के वापस नहीं लौटने पर साथियों को चिंता हुई। उन्होंने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला। खोजबीन के दौरान जलाशय किनारे दोनों के जूते रखे मिले, जिससे अनहोनी की आशंका और गहरा गई। इसके बाद साथियों ने तत्काल तिघरा थाना पुलिस को सूचना दी।

देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी कृष्णपाल सिंह और थाना प्रभारी शिवराम सिंह कंषाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर जलाशय में सर्च अभियान शुरू कराया गया। टॉर्च और सर्च लाइट की मदद से देर रात तक तलाश जारी रही। करीब छह घंटे बाद गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन आयुष का कोई सुराग नहीं मिला। जिसकी तलाश में रविवार को सुबह से एक बार फिर सर्च आपरेशन शुरू किया गया है।