ग्वालियर

एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कांग्रेस MLA की विधायकी रद्द कर बीजेपी के पूर्व मंत्री को विजयी घोषित किया

Ramniwas Rawat- विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 से जुड़ी चुनाव याचिका पर ऐतिहासिक फैसला, कॉंग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन निरस्त

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MP High Court declares former minister Ram Niwas Rawat victorious

Ramniwas Rawat- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 से जुड़ी चुनाव याचिका पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कॉंग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन निरस्त कर दिया है। अदालत ने माना कि प्रत्याशी ने नामांकन के दौरान शपथपत्र में आपराधिक मामलों की सही जानकारी छिपाई और गलत घोषणा की। इसके चलते उनका चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया। कोर्ट ने साथ ही चुनाव याचिकाकर्ता पूर्व मंत्री और दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक घोषित कर दिया।

न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने चुनाव याचिका क्रमांक 24/2024 पर फैसला सुनाते हुए कहा कि मुकेश मल्होत्रा ने फॉर्म-26 के शपथपत्र में लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाई और गलत घोषणा की कि आरोप तय नहीं हुए हैं। अदालत ने इसे मतदाताओं से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना माना।

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हाईकोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्याशी द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है ताकि मतदाता उम्मीदवार के बारे में सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें। लेकिन मुकेश मल्होत्रा ने दो लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाई और आरोपों की प्रकृति भी गलत बताई। अदालत के अनुसार यह आचरण मतदाताओं को गुमराह करने वाला है।

सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड से यह भी सामने आया कि एक मामले में महिलाओं सहित तीन लोगों से मारपीट के आरोप थे, जबकि शपथपत्र में इसे केवल मामूली विवाद बताया गया। कोर्ट ने माना कि प्रत्याशी को मामलों की पूरी जानकारी थी और वह कानून की पढ़ाई भी कर चुका है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि गलत जानकारी अनजाने में दी गई।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उम्मीदवार द्वारा लंबित मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाना चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करता है और मतदाताओं के स्वतंत्र मताधिकार के प्रयोग में बाधा पैदा करता है। यह कृत्य जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत “अनुचित प्रभाव” (Undue Influence) की श्रेणी में आता है और इसे भ्रष्ट आचरण माना जाएगा।

प्रत्याशी ने जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में यह साबित करना जरूरी नहीं है कि जानकारी छिपाने से चुनाव परिणाम वास्तव में प्रभावित हुआ या नहीं। यदि प्रत्याशी ने जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए हैं, तो इसे मतदाताओं के अधिकारों में हस्तक्षेप माना जाएगा।

इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया। साथ ही यह भी माना कि चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे बीजेपी उम्मीदवार पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को सबसे अधिक वैध मत मिले थे। इसलिए अदालत ने उन्हें विजयपुर विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचित विधायक घोषित करने का आदेश दिया।

अदालत ने चुनाव आयोग और रिटर्निंग अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे आदेश के अनुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें। इस फैसले के साथ ही विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 का विवाद समाप्त हो गया और अदालत के आदेश से रामनिवास रावत को विधायक घोषित कर दिया गया।

Updated on:
09 Mar 2026 04:59 pm
Published on:
09 Mar 2026 03:57 pm
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