Property Registration- MP High Court- जिन संपत्तियों पर न्यायालय की रोक हो, वहां रजिस्ट्री न की जाए और ऐसे प्रकरण लंबित रखे जाएं
Property Registration - मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्टे के बावजूद रजिस्ट्री पर सख्त रुख दिखाया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच ने ऐसी रजिस्ट्री पर रोक लगाई है। भिंड के एक प्रकरण में याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ये निर्देश दिए। कोर्ट की एकल पीठ ने न्यायालय के 'यथास्थिति' आदेश के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। इसके साथ ही कोर्ट ने पंजीयन महानिरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि एक माह के भीतर सभी उप पंजीयकों को सर्कुलर जारी कर स्पष्ट करें कि जिन संपत्तियों पर न्यायालय की रोक हो, वहां रजिस्ट्री न की जाए और ऐसे प्रकरण लंबित रखे जाएं।
नामांतरण निरस्त करने के दिए आदेश…
कोर्ट ने कहा है कि यदि संबंधित जमीन का नामांतरण हो चुका है, तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए। इसके लिए भिंड कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं।
मामले में याचिकाकर्ता जितेन्द्र गुप्ता ने बताया, भिंड जिले के फूफ क्षेत्र में स्थित विवादित जमीन पर 7 फरवरी 2023 को हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके बावजूद 10 फरवरी को संबंधित पक्ष आशा प्रिया ने जमीन की रजिस्ट्री करा दी। सुनवाई के दौरान महिला दो वर्ष तक पेश नहीं हुई। गिरफ़्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर सकी, जहां उसने अंतत: माफी मांग ली।
मामले में झूठा हलफनामा देने पर महिला के ससुर जगदीश चंद्र पर भी 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कोर्ट में गलत जानकारी दी थी कि आशा प्रिया पेशी पर नहीं आई थीं, जबकि साक्ष्यों से यह गलत साबित हुआ। उम्र को देखते हुए कोर्ट ने नरमी बरतते हुए जुर्माना जमा करने पर राहत प्रदान की।
कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए महिला को शर्तों के साथ राहत दी है। उसे 15 मई 2026 तक खरीदार को राशि लौटाकर रजिस्ट्री निरस्त करानी होगी। साथ ही, अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए 2 लाख रुपए जमा कर 5 वाटर कूलर और 5 वाटर प्यूरीफायर कोर्ट परिसर में लगवाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख बिंदु
स्टे के बावजूद रजिस्ट्री पर हाईकोर्ट सख्त
7 फरवरी 2023 को हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
संपत्ति को यथास्थिति में रखने को कहा
आदेश के तीन दिन बाद बेच दी थी जमीन
हाईकोर्ट ने ऐसे मामले में रजिस्ट्री पर रोक लगाई
उप पंजीयकों को सर्कुलर जारी करने के निर्देश
लापरवाही पर सिटी प्लानर व भवन अधिकारी को नोटिस
इधर ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने एबीपीएएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर सहायक नगर निवेशक महेन्द्र अग्रवाल और भवन अधिकारी राकेश कश्यप को कारण बताओ नोटिस जारी किया। निगम ने स्पष्ट किया कि नागरिक शिकायतों के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।